सीपीएम को मात देने वाले मनोज कांति देब को भाजपा ने दिया टिकट, क्या कमालापुर में खिलेगा कमल

Daily news network Posted: 2018-02-13 20:09:37 IST Updated: 2018-02-13 20:09:45 IST
सीपीएम को मात देने वाले मनोज कांति देब को भाजपा ने दिया टिकट, क्या कमालापुर में खिलेगा कमल
  • त्रिपुरा विधानसभा चुनाव-2018 के चुनावी दंगल में सत्तारूढ़ माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) को मात देने के लिए बीजेपी कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

अगरतला

त्रिपुरा विधानसभा चुनाव-2018 के चुनावी दंगल में सत्तारूढ़ माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) को मात देने के लिए बीजेपी कोई कसर नहीं छोड़ रही है। भाजपा त्रिपुरा में वामपंथी गढ़ को ढहाने में और कांग्रेस को जड़ से साफ़ करने की कवायद में जुटी है।

 

 


इसमें कोई दोराय नहीं है कि पिछले 25 सालों से सत्ता संभाल रही माकपा को इस चुनाव में भाजपा से जोरदार टक्कर मिल रही है, लेकिन क्या ये चुनावी उठापटक त्रिपुरा में राजनीतिक समीकरण बदल पाएंगे ये तो चुनाव के नतीजे आने के बाद ही पता चलेगा।

 

 

 लेकिन ये सफर बीजेपी के लिए इतना आसान नहीं है क्योंकि त्रिपुरा में माकपा की जड़े राज्य में बेहद मजबूत है और इसका असर त्रिपुरा की कमालापुर सीट पर देखा जा सकता है इस सीट पर हमेशा से ही सीपीएम का दबदबा रहा है 1977 से 1998 तक त्रिपुरा की कमालापुर सीट पर बिमल सिंघा का राज चला उन्होंने अपने प्रतिद्वंदियों को इस सीट से करारी हार का स्वाद चखाया।

 



आप इसी से अंदाजा लगा सकते हैं कमालापुर विधानसभा सीट पर सीपीएम पर वर्चस्व किस हद तक कायम है और लोगों का विश्वास कितना है आपको बता दें कि 1977 से 1998 तक कमालापुर सीट पर बिमल सिंघा का राज था जिसके बाद उनकी गद्दी बिजॉय लक्ष्मी सिंघा ने संभाली और 2003 और 2013 में इस सीट पर लाल झंडे को फराये रखा हालांकि 2008 में उन्हें मनोज कांति देब से हार का मुंह देखना पड़ा था।

 


 कमालापुर सीट से सीपीएम का नाता बेहद पुराना


 कमालापुर सीट पर 1977 से 1998 तक कमालापुर सीट पर बिमल सिंघा ने राज किया इसके बाद 2003 में इस गद्दी को बिजॉय लक्ष्मी सिंघा ने संभाला और अपने खिलाफ खड़े कांग्रेस के उम्मीदवार मनोज कांति देब को भारी मतों से हराया लेकिन इसके बाद 2008 में मनोज कांति देब ने 11839 वोटों से बिजॉय लक्ष्मी को हराया लेकिन 2013 में एक बार फिर से बिजॉय ने 19204 वोटों की मिली जीत के बाद कमालापुर में वापसी की और सीपीएम की झोली में जीत डाल दी। 

 


 

 इस बार का मुकाबला


इस बार त्रिपुरा का चुनावी दंगल बेहद अहम पड़ाव पर है क्योंकि हमेशा से सीपीएम और कांग्रेस के बीच चलने वाला चुनावी युद्ध अब बीजेपी बनाम सीपीएम हो गया है और यहीं नहीं 2018 में कमालापुर सीट से चुनाव लड़ रही सीपीएम की महिला उम्मीदवार और पुरानी धुरंधर बिजॉय लक्ष्मी सिंघा को टक्कर देने के लिए कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए मनोज कांति देब मैदान में हैं, तो वहीं कांग्रेस ने बिजॉय कृष्णा चटर्जी को मैदान में उतरा है इसके साथ ही इस सीट पर इंडियन नेशनल तृणमूल कांग्रेस ने अपना मुस्लिम चेहरा हसन चौधरी को इस सीट से उतारने का फैसला लिया है।

 

हालांकि इस बार मुकाबला फिर से सीपीएम बनाम बीजेपी ही है क्योंकि बिजॉय लक्ष्मी को एक बार हार का मुंह दिखा चुके मनोज कांति देब इस बार पूरे जोश और बीजेपी के साथ मैदान में हैं।