त्रिपुरा हिंसा पर बोली बृंदा, हिंसा भड़काने की कोशिश कर रही है BJP

Daily news network Posted: 2018-03-10 15:46:46 IST Updated: 2018-03-10 16:10:38 IST
त्रिपुरा हिंसा पर बोली बृंदा, हिंसा भड़काने की कोशिश कर रही है BJP
  • त्रिपुरा में भाजपा की सरकार बनने के बाद जिस तरह से रूसी क्रांति के नायक लेनिन मूर्तियां तोड़ी जा रही है वह निंदनीय है।

अगरतला।

त्रिपुरा में भाजपा की सरकार बनने के बाद जिस तरह से रूसी क्रांति के नायक लेनिन मूर्तियां तोड़ी जा रही है वह निंदनीय है। इसकी बस निंदा ही की जा सकती है। इस मसले पर शुक्रवार को माकपा नेता बृंदा करात ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति गिराने आैर तमिलनाडु में परियार र्इवी की मूर्ति को नुकसान पहुंचाने की घटना पर उन्होंने कहा कि ये घटनाएं हिंदुत्व के अलावा भाजपा के असहिष्णु रूख को दिखाती है।

 

  

 शुक्रवार को वामपंथी दलों भाकपा, माकपा, एआर्इएफबी, एसयूसीआर्इ आैर सीजीपीआर्इ ने मूर्तियोंं को तोड़े जाने के खिलाफ संसद की आेर मार्च किया। लेकिन पुलिस ने उन्हें राेक दिया। सदन मार्ग पर कार्यकर्ताआें को संबोधित करते हुए बृंदा करात ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि त्रिपुरा में जीत के बाद भाजपा राज्य में वाम मोर्चा को वोट देने वालों के खिलाफ हिंसा भड़काने की कोशिश कर रही है।

 


 उन्होंने कहा,'लेनिन की मूर्ति गिराए जाने के बाद तमिलनाडु के भाजपा कार्यकर्ताआें ने पेरियार की मूर्ति तोड़ दी। तो वहीं उत्तरप्रदेश में अंबेडकर की मूर्ति तोड़ दी गर्इ। इससे ये पता चलता है कि भाजपा हिदुत्व के अलावा आैर किसी विचारधारा को सहने के लिए तैयार नहीं है। 

 


 इससे पहले त्रिपुरा में हो रही हिंसा का विरोध करते हुए माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि जो हिंसा हो रही है, उससे स्पष्ट है कि RSS-BJP का रुझान क्या है। हिंसा के अलावा उनका राजनीतिक भविष्य कुछ नहीं है और जनता इसका जवाब देगी। साम्यवादी दलों ने लेनिन की मूर्ति तोड़े जाने की निंदा करते हुए कहा है कि BJP कार्यकर्ताओं का रवैया ठीक नहीं है।

 

 गौरतलब है कि त्रिपुरा के बेलोनिया टाउन में कॉलेज स्क्वेयर पर लगी लेनिन प्रतिमा को भी बुलडोजर की मदद से गिरा दिया गया था। त्रिपुरा में भाजपा सरकार बनने के बाद हुर्इ इन घटनाआें से वामपंथी दलों ने नाराजगी जतार्इ आैर ये आरोप है लगाया है कि भाजपा राज्य में भय फैला रही है। इसके अलावा बिहार में बीजेपी के सहयोगी दल जेडीयू के सांसद हरिवंश ने त्रिपुरा में हुई इस घटना की निंदा की थी। हिंसा की घटनाओं के मद्देनजर त्रिपुरा के कई इलाकों में धारा 144 लगा दी गई थी।