चीन के होश उड़ाने के लिए बनी जवानों की नई टीम, मिला है ऐसा खतरनाक प्रशिक्षण

Daily news network Posted: 2018-05-13 09:56:04 IST Updated: 2018-05-13 09:56:04 IST
चीन के होश उड़ाने के लिए बनी जवानों की नई टीम, मिला है ऐसा खतरनाक प्रशिक्षण

करैरा आरटीसी में भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल का दीक्षांत एवं शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल में सी-जीडी रिक्रूट नवम समुदाय की दीक्षांत एवं शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। नवम समुदाय के 442 नव सैनिक गहन प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद उन्हें भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल की मुख्य धारा में शामिल किया गया है। 




इतना ही नहीं इन नव सैनिकों को आधुनिक हथियार चालने व संघर्षों का मुकाबला करने का कठिन प्रशिक्षण देकर ही आरटीसी बल के सुपुर्द किया गया है। इन्हें बल में शामिल करने से पहले दीक्षांत व शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें मुख्य अतिथि देवेंद्र सिंह, महानिरीक्षक सेंट्रल फ्रंटियर तथा भंवर सिंह उप महानिरीक्षक की देख-रेख में किया गया। महानिरीक्षक देवेंद्र सिंह के सलामी मंच पर पधारते ही नव आरक्षकों की प्लाटूनों ने उन्हें सलामी दी तथा उनके स्वागत में बिगुल वादन किया गया। इसके बाद मुख्य अतिथि ने नव आरक्षकों की परेड का निरीक्षण किया। 

 

 


नवम बैच पासिंग आउट नव आरक्षक बचोलकर प्रसाद ईश्वर द्वारा किया गया। परेड की द्वितीय कमान देवेंद्र सिंह के हाथों में थी। वहीं देवेंद्र सिंह को ड्रिल, वीरकर शंकर गुलाब को फायरिंग, अमित दादासाहेब को पीटी, राजेश कुमार को वेपन तथा कमल कुमार को बेस्ट स्पोर्टस पर्सन चुना गया। इसके बाद मुख्य अतिथि महानिरीक्षक द्वारा प्रशिक्षुओं के प्रोत्साहन व मनोबल को ऊंचा रखने ट्राफियां भी प्रदान की गई। 

 


 

मुख्य अतिथि द्वारा नव आरक्षकों की परेड को राष्ट्रीय एवं बल के झंडे के समक्ष सच्ची निष्ठा एवं शौर्य दृढ़ता से देश सेवा करने की शपथ दिलाई गई। इसके बाद परेड की प्लाटूनों ने सलामी मंच से धीरे-चाल व तेज-चाल से गुजरते हुए दाहिने देख की कार्रवाई कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया। परेड के उत्कृष्ट प्रदर्शन व मनोरम दृश्य ने मुख्य अतिथि व दर्शकों का मन मोह लिया। नवम बैच की परेड का नेतृत्व नव,आरक्षक सी-जीडी रिक्रूट बाचोलकर प्रसाद कर रहे थे। परेड की कार्रवाई पूर्ण होने पर आरटीसी प्रशिक्षण संस्थान के प्रमुख भंवर सिंह, उप महानिरीक्षक ने उपस्थित मुख्य अतिथि, अभिभावक, मीडिया बन्धुओं व बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि इन प्रशिक्षुओं को 44 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण से गुजरने के बाद आज इन्हें सैनिक का दर्जा प्राप्त हुआ है। 

 

 


 

प्रशिक्षुओं की ट्रेनिंग में बैटल क्राफ्ट, हथियार प्रशिक्षण, फील्ड क्राफ्ट, मानचित्र अध्ययन, प्रतिविद्रोहिता, ड्रिल, आपदा प्रबंधन तथा कम्प्यूटर आदि का प्रशिक्षण शामिल है। उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षु कठिन प्रशिक्षण की भट्ठी से तपकर कुंदन बने हैं। इन प्रशिक्षणार्थियों को कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। मुख्य अतिथि देवेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस बल संसार भर के सुरक्षा बलों में से एक अति प्रतिष्ठित बल के रूप में जाना जाता है। इस बल का प्राथमिक कर्तव्य भारत-चीन सीमा पर चौकसी करना है। भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल लद्दाख के काराकोरम दर्रे से लेकर अरुणाचल प्रदेश के जाचेपला तक 3488 किमी तक की सीमा की सुरक्षा करती है।