विवादित बयानबाजी में पीछे नहीं हैं पूर्वोत्तर के नेता, इनके बयानों ने मचाया था कोहराम

Daily news network Posted: 2018-04-21 15:48:37 IST Updated: 2018-04-21 16:43:25 IST
विवादित बयानबाजी में पीछे नहीं हैं पूर्वोत्तर के नेता, इनके बयानों ने मचाया था कोहराम
  • त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने हाल ही में एक चौंकाने वाला बयान दिया था

अगरतला।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने हाल ही में एक चौंकाने वाला बयान दिया था। दरअसल देब का कहना था कि इंटरनेट महाभारत के दौर में भी था और तब इसका इस्तेमाल किया जाता था। उन्होंने इस दौरान कहा कि भारत युगों से इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहा है। महाभारत में संजय ने नेत्रहीन होते हुए भी धृतराष्ट्र को युद्ध के मैदान का हाल सुनाया था, जो इंटरनेट और टेक्नोलॉजी की वजह से ही हुआ। हालांकि इस बयान के बाद बिप्लब ट्रोल हुए। विपक्षी पार्टियों सहित सोशल मीडिया पर उनके बयान की खिल्ली उड़ाई गई थी। हालांकि ये पहली बार नहीं जब पूर्वोत्तर राज्य के किसी नेता या महामहीम ने अनोखा बयान दिया हो, इसकी लिस्ट काफी लंबी है। इस खबर में हम उन बयानों से रूबरू करवाएंगे, जिसने नए विवाद को जन्म दिया था, लेकिन पहले जान लेते हैं कि आखिर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने कहा क्या था। 

 

 

 


दरअसल त्रिपुरा के सीएम बिप्लब देव ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि महाभारत के दिनों में संजय दृष्टिहीन थे, लेकिन वह युद्ध में होने वाली सभी घटनाओं को धृतराष्ट्र को सुना रहे थे। यह इंटरनेट की तकनीक से ही मुमकिन हो सका था। इतना ही नहीं बिप्लब देब ने आगे कहा कि उस समय सैटेलाइट भी हुआ करती थी। बिप्लब देब पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के क्षेत्रीय वर्कशॉप को संबोधित कर रहे थे। यहां उन्होंने कहा कि इंटरनेट का आविष्कार अमरीका या पश्चिमी देशों ने नहीं किया था, बल्कि लाखों वर्ष पहले भारत में इसका आविष्कार किया गया था। बिप्लब देब ने कहा था कि मैं मुझे गर्व है कि मैं ऐसे देश में पैदा हुआ जहां की तकनीक इतनी एडवांस थी। जो देश खुद को तकनीकी रूप से काफी विकसित मानते हैं वह भारत के टैलेंट को अपने यहां नौकरी पर रखते हैं, जिससे की उनकी तकनीक और भी बेहतर हो।

 

 

 



असम के मंत्री हिमंता बिश्व शर्मा ने एक समारोह में विवादित बयान दिया था। दरअसल इस बयान में हिमंता ने कैंसर बीमारी के लिए जो वजह बताई, उसे सुनकर सभी हैरान रह गए। हिमंता का कहना था कि कुछ लोग कैंसर जैसी घातक बीमारियों से इसलिए ग्रस्त हैं क्योंकि उन्होंने अतीत में पाप किये हैं और यह ईश्वर का न्याय है। शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि जब हम पाप करते हैं तो भगवान हमें सजा देता है, कई बार हम देखते हैं कि युवाओं को कैंसर हो गया या कोई युवा हादसे का शिकार हो गया। अगर आप पृष्ठभूमि देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि यह ईश्वर का न्याय है और कुछ नहीं। हमें ईश्वर के न्याय का सामना करना होगा। हालांकि जब वे विपक्षी पार्टी के निशाने पर आ गए तो उन्होंने कहा कि उनकी बात को गलत ढंग से पेश न किया जाए, क्योंकि उन्होंने साफ  कहा था कि हिंदुत्व कर्म के सिद्धांत को मानता है और पूर्व में किए कर्मों की सजा जरूर मिलती है। ऐसा आप भी मानते हैं। कैंसर की बीमारी को लेकर दिए बयान पर सफाई देते हुए सरमा ने कहा कि उन्होंने हिंदू दर्शन का उदाहरण दिया था। उन्होंने कहा कि विज्ञान मानवीय मूल्यों और धर्म को बढ़ावा नहीं देता।

 

 

 

 


असम के जोरहाद से बीजेपी सांसद कामाख्या प्रसाद तासा पर कथित तौर पर गांधी और नेहरू की तुलना कचरे से करने का आरोप लगा था। कांग्रेस का आरोप था कि कामाख्या प्रसाद तासा ने कथित तौर पर गांधी और नेहरू की तुलना कचरे से की थी। कांग्रेस का आरोप था कि सांसद कामख्या प्रसाद तासा ने एक रैली में कथित रूप से कहा था कि कांग्रेस ने दीन दयाल उपाध्याय के आदर्शों को नजरअंदाज किया और लोगों के दिमाग में गांधी-नेहरू का कचरा भर दिया। इस रैली में असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल भी मौजूद थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तासा ने कथित रूप से बयान दिया था कि कांग्रेस ने लोगों के दिमाग को गांधी और नेहरू जैसे लोगों के कचरे से धो डाला और इन लोगों ने दीनदयाल उपाध्याय के आदर्शों को जानने की कोशिश भी नहीं की।

 

 

 

 


विवादित बयानों की सूची में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू का भी नाम आता है। उन्होंने कहा था कि दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल तेजिंदर खन्ना के उस बयान से मैं पूरी तरह इत्तफाक रखता हूं, जिसमें उन्होंने कहा था कि उत्तर भारतीय कानून तोडऩा अपनी शान समझते हैं। वे भारतीय अंतरराष्ट्रीय सेंटर में पुलिस फाउंडेशन के एक कार्यक्रम में बोले रहे थे। रिजिजू ने कहा था कि फरवरी 2008 में दिल्ली के तत्कालीन लेफ्टिनेंट गवर्नर तेजिंदर खन्ना ने कहा था कि उत्तर और पश्चिम भारतीयों को नियमों की धज्जियां उड़ाने में मजा आता है और ऐसा करके उन्हें गर्व महसूस होता है। हालांकि इसके बाद भाजपा और कांग्रेस के विरोध के बाद खन्ना ने दबाव में आकर माफी मांग ली थी, लेकिन मुझे लगता है कि वे बिल्कुल सही थे।


 

 

 


त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय भी विवादित बयानों में घिर चुके हैं। रॉय ने ट्वीट के जरिएअजान की तुलना दीपावली के पटाखों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण से की थी। राज्यपाल ने ट्वीट कर उन लोगों से सवाल पूछा थी जो दीपावली के दौरान पटाखों से ध्वनि प्रदूषण की शिकायत करते हैं। रॉय ने लिखा है थी कि हर दीपावली में पटाखों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण पर वाद विवाद होता है जो साल में कुछ दिन होते हैं, लेकिन हर रोज सुबह 4.30 बजे से लाउडस्पीकर पर अजान पर कोई बात नहीं होती। रॉय ने लिखा था कि लाउडस्पीकर पर अजान से होने वाली ध्वनि प्रदूषम पर सेक्यूलर लोगों की चुप्पी हैरान करती है। कुरान या हदीस में लाउडस्पीकर पर अजान की बात नहीं की गई है।



 

 

 


सिक्किम की सीमा पर चीनी सैनिकों की कार्रवाई के बाद असम के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित (वे अब तमिलनाडु के राज्यपाल हैं) ऐसा बयान दिया था, जिससे विवाद खड़ा हो गया। नॉर्थ-ईस्ट के शीर्ष पुलिस अधिकारियों की 24वीं कांफ्रेंस में पहुंचे राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने कहा था कि भारत, चीन के साथ लड़ाई नहीं कर सकता। चीन हमसे 2 साल पहले या बाद में स्वतंत्र हुआ था, लेकिन आज हालात ये है कि हम चीन से डरते हैं। चीन आज ताकत में हमसे बहुत आगे है। राज्यपाल ने कहा था कि अगर भारत में भ्रष्टाचार नहीं होता, तो भारत भी चीन के मुकाबले में खड़ा होता। भ्रष्टाचार के राक्षस ने भारत को बर्बाद किया है।