असम में विधान परिषद गठन को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही साेनोवाल सरकार

Daily news network Posted: 2018-04-05 13:37:50 IST Updated: 2018-04-05 14:08:10 IST
असम में विधान परिषद गठन को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही साेनोवाल सरकार
  • राज्य में विधान परिषद गठन के पूर्व सरकार के प्रस्ताव पर मौजूदा सरकार ने अब तक कोर्इ सकारात्मक पहल नहीं की है, जिसके चलते राज्यसभा में इससे संबंधित विधेयक रद्द होने की संभावना दिखार्इ पड़ रही है।

गुवाहाटी।

राज्य में विधान परिषद गठन के पूर्व सरकार के प्रस्ताव पर मौजूदा सरकार ने अब तक कोर्इ सकारात्मक पहल नहीं की है, जिसके चलते राज्यसभा में इससे संबंधित विधेयक रद्द होने की संभावना दिखार्इ पड़ रही है। भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय की सचिव डाॅ. रीता वशिष्ठ द्वारा असम सरकार को पिछले साल 8 दिसंबर भेजे गए पत्र से तो इस संभावना से बिल मिल गया है। हालांकि विधानसभा में सरकार ने कहा है कि विधान परिषद के गठन का विषय सभा मेंं विचाराधीन है।

 



 चालू बजट सत्र में सरकार द्वारा दाखिल तथ्याें से यह स्पष्ट हैं कि असम में विधान परिषद के गठन को लेकर पूर्व गोगाेर्इ सरकार के लिए प्रस्तावों को आगे बढ़ाने में सोनोवाल सरकार काेर्इ दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। क्योंकि बुधवार को सदन में सरकार द्वारा दाखिल दस्तावेजों में एक भी एेसा पत्र शामिल नहीं है जो कि सोनोवाल सरकार की आेर से भारत की विधायी विभाग को भेजा गया है।

 

 


 अगप विधायक फणीभूषण चौधरी के एक सवाल के जवाब में सदन में बताया कि विधान परिषद के गठन की प्रक्रिया राज्यससभा में विचाराधीन है। इसके गठन के लिए केंद्र सरकार के पास प्रस्ताव भेजा गया है।

 

 


 इसको मसले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गाेगोर्इ ने अपनी प्रतिक्रिया दी है आैर आरोप लगाया है कि असम विधान परिषद के गठन को लेकर सोनोवाल सरकार कोर्इ पहल नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की एक निरंतर प्रक्रिया है। उन्होने कहा हमारे शासन में राज्य भर में विधान परिषद की मांग उठी थी।  उस मांग के लिए हमने आश्वासन दिया था आैर केंद्र सरकार के समक्ष असम विधान परिषद का प्रस्ताव रखा था।