संगमा ने नागरिकता संशोधन बिल को बताया राष्ट्र विरोधी

Daily news network Posted: 2019-02-12 11:54:47 IST Updated: 2019-02-12 19:23:20 IST

नई दिल्ली/शिलॉन्ग।

मेघालय के मुख्यमंत्री और नेशनल पीपुल्स पार्टी(एनपीपी) के अध्यक्ष कोनराड संगमा ने नागरिकता (संशोधन)बिल का फिर से विरोध करते हुए कहा कि यह विधेयक राष्ट्र विरोधी है और राज्यसभा में पारित नहीं होना चाहिए। असम गण परिषद, एनपीपी, छात्र संगठनों समेत कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडल ने बिल को लेकर गृह मंत्री राजनाथ सिंह से दिल्ली में मुलाकात की थी।

 

 


 संगमा ने यहां मीडिया से बातचीत में कहा, बिल को लेकर हमारा स्टैंड बिल्कुल स्पष्ट है। बिल पूर्वोत्तर के लोगों की भावनाओं के खिलाफ है। विधेयक राष्ट्र विरोधी है,क्योंकि यह देश के प्रत्येक नागरिक के खिलाफ है। इसके अलावा हमने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि बिल कुछ ऐसा है जिसका हम समर्थन नहीं कर सके। अगर बिल पारित हुआ तो हमारे पास कोई च्वाइस नहीं रहेगी लेकिन हमें एनडीए के साथ अपने गठबंधन पर फिर से विचार करना पड़ेगा।

 

 


 हम सरकार से उसके फैसले पर फिर से विचार और संसद में बिल पारित नहीं कराने का अनुरोध करेंगे। हम बिल के खिलाफ अन्य राजनीतिक दलों से समर्थन मांग रहे हैं। अगले दो या तीन दिन बहुत महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिल ने पूर्वोत्तर के लोगों को एकजुट किया है। इससे मुद्दे की गंभीरता प्रदर्शित होती है। आपको बता दें कि नागरिकता कानून 1955 में संशोधन किया गया है। विधेयक में पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बांग्लादेश में धार्मिक अत्याचार के शिकार होकर भारत आए 6 धर्मों (अल्पसंख्यक समुदाय) के लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। बिल 8 जनवरी को लोकसभा में पारित हो चुका है लेकिन राज्यसभा में बहुमत नहीं होने के कारण मोदी सरकार ऊपरी सदन में बिल को पेश नहीं कर पाई है। आपको बता दें कि बिल के विरोध में असम गण परिषद भाजपा से अपना गठबंधन तोड़ चुकी है।