मेघालयः एनपीपी विधायक के भार्इ की दादागिरी, कांग्रेस कार्यकर्ता को पीटा

Daily news network Posted: 2018-04-09 15:25:23 IST Updated: 2018-04-09 17:33:06 IST
मेघालयः एनपीपी विधायक के भार्इ की दादागिरी, कांग्रेस कार्यकर्ता को पीटा
  • मेघालय के फुलबारी क्षेत्र में मौजूदा एनपीपी के विधायक के भार्इ ने कथित तौर कांंग्रेस कार्यकर्ता की पिटार्इ कर दी।

शिलांग।

मेघालय के फुलबारी क्षेत्र में मौजूदा एनपीपी के विधायक के भार्इ ने कथित तौर कांग्रेस कार्यकर्ता की पिटार्इ कर दी। घटना के बाद गंभीर रूप से घायल कार्यकर्ता को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। बता दें कि मेघालय के फुलवारी से मौजूदा विधायक के भार्इ एसजी एस्मातुर मोमिन ने कांग्रेस के कार्यकर्ता एटी मंडल को पीटा। पिटार्इ के बाद एक शिक्षक ने कांग्रेस उम्मीदवार को अस्पताल में भर्ती करवाया।

 

 


 मामले में चिंबिंनांग के रहने वाले शाह आलम ने पश्चिम गारो हिल्स के फूलबरी पुलिस थाने में एफआर्इआर दर्ज करवार्इ। एफआर्इआर के मुताबिक कांग्रेस के कार्यकर्ता शाॅपिंग करने के लिए गए थे तभी वहां एनपीपी विधायक के भार्इ, जेलेमुर इस्लाम सरकार ने अपने समर्थकों के साथ उन्हें रोक लिया। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ता मंडल के साथ बदसुलूकी की।

 

 


कांग्रेस विधायक ने बयां किया दर्द

 कांग्रेस विधायक ने बताया कि जब मैं बाजार खरीददारी करने गया तो सरकार अौर उनके समर्थकों ने मुझे घेर लिया आैर मेरे साथ बदसलूकी करने लगे। मुझे अपमानित किया आैर मुझे मारा। उन्होंने मुझसे कहा कि मैं कांग्रेस के साथ काम क्यों कर रहा हूं। मैं पूरी तरह मानसिक सदमें था आैर मेरे पूरे शरीर पर चोट लगी हुर्इ थी।

 

 


शिकायत के बाद भी पुलिस ने साधी चुप्पी

 

 एफआर्इआर दर्ज होने के बाद पुलिस अधिक्षक ने डॉ. एमजीआर कुमार फुलबारी के सर्किल इंस्पेक्टर से घटना की पूरी रिपार्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्यवार्इ से पहले मैं (सीआई) रिपाेर्ट का इंतजार कर रहा हूं। हम घटना के तह तक जाएंगे। तो वहीं पुलिस पर आरोप है कि फूलबारी के चिंबिंनांग क्षेत्र में कांग्रेस के खिलाफ एेसी हिंसा बढ़ती ही जा रही है आैर शिकायत दर्ज करने के बाद भी पुलिस मामले में कुछ नहीं कर रही है। 

 

 


कांग्रेस का पुलिस पर आरोप

 कार्यकर्ताआें का कहना है कि राजनीति एक विकल्प है आैर हमने कांग्रेस के साथ रहना चुना है। कांग्रेस का साथ चुनना हमारी स्वतंत्रता है आैर हमें समझ नहीं आ रहा है कि पुलिस एेसी धमकियों पर कार्यवार्इ क्यों नहीं कर रही है। हमारे लिए स्थिति बहुत खराब है क्योंकि एनपीपी कार्यकर्ताआें के इस कृत्य पर पुलिस काेर्इ कार्यवार्इ नहीं कर रही है।