असमः सुष्मिता देव का एेलान, 'मोदी सरकार' के विरोध में सड़क पर उतरेगी महिला कांग्रेस

Daily news network Posted: 2018-04-14 12:58:05 IST Updated: 2018-04-14 13:25:55 IST
असमः सुष्मिता देव का एेलान, 'मोदी सरकार' के विरोध में सड़क पर उतरेगी महिला कांग्रेस
  • विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ मार्च निकालने के बाद अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष आैर असम के सिलचर की विधायक सुष्मिता देव ने केद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का एेलान किया है।

नर्इ दिल्ली।

विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ मार्च निकालने के बाद अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष आैर असम के सिलचर से सांसद सुष्मिता देव ने केद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का एेलान किया । महिलाओं के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों के विरोध में महिला कांग्रेस 17 अप्रैल को पूरे देश में काला दिवस मनाएगी।

 




ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की प्रमुख आैर असम विधायक सुष्मिता देव का कहना है कि प्रधानमंत्री ने देश की महिलाओं से वादा किया था कि, बहुत हुआ महिलाओं पर अत्याचार, अबकी बार मोदी सरकार। महिला संगठन ने कहा है कि 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ'  भी पीएम मोदी का जुमले है और वे इसकी भी पोल खोलेंगी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि जम्मू के कठुआ में 8 वर्षीय बच्ची के साथ हुआ जघन्य गैंगरेप हो या उत्तर प्रदेश के उन्नाव में विधायक पर रेप के आरोप, महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा की खबरें लगातार आ रही हैं।

 

 

 

 


एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि सरकार ने जितनी पुलिस कांग्रेस के प्रदर्शन को रोकने में लगा दी है, उतनी अगर महिला सुरक्षा में लगी होती तो उन्नाव जैसी  घटनाएं रूक जाती। उन्होंने आगे कहा कि हमने देखा है कि यहां की पुलिस सक्षम है, बस उन्हें काम करने की छूट दी जानी चाहिए। कानून व्यवस्था और सुसाशन का वादा करके बीजेपी सत्ता में आई थी। क्या यही था वह सुशासन, जिसका वादा किया था? सुष्मिता देव ने कहा कि उन्नाव केवल एक मामला नहीं है। पूरे देश में यही हालात हैं।

 



बता दें कि बुजुर्ग महिलाओं से लेकर मासूम बच्चे तक बलात्कार और हत्या की भयावह वारदातों के शिकार हो रहे हैं। साल 2016 में 16,000 से ज्यादा बच्चों का बलात्कार हुआ है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की साल 2016 की रिपोर्ट के मुताबिक 2016 में दर्ज बलात्कार के करीब 39,000 मामलों में 43 फीसदी पीड़ित बच्चे या 18 साल से कम उम्र की लड़कियां थीं। साल 2015 के मुकाबले 2016 में देश में बलात्कार की घटनाओं में 12.4 फीसदी की वृद्धि हुई है।

 





पिछले दिनों क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार 2017 में देश में 28,947 महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाएं दर्ज की गई। अगर हिसाब लगाया जाए तो राज्य में हर दिन बलात्कार के 13 मामले होते हैं। जाहिर है, राज्य सरकार के लिए यह आंकड़ा हर लिहाज से शर्मनाक है। इस संख्या में मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा 4,882 महिलाओं के साथ बलात्कार की घटना दर्ज हुई, जबकि इस मामले में उत्तर प्रदेश में 4,816 और महाराष्ट्र में 4,189 की संख्या के साथ देश में दूसरे और तीसरे राज्य के तौर पर दर्ज किए गए।