नागालैंड में भाजपा गठबंधन को नहीं मिला बहुमत, फिर भी बनेगी सरकार

Daily news network Posted: 2018-03-04 18:21:41 IST Updated: 2018-03-04 18:21:41 IST
नागालैंड में भाजपा गठबंधन को नहीं मिला बहुमत, फिर भी बनेगी सरकार
  • नागालैंड में भाजपा-एनडीपीपी गठबंधन की सरकार बनने जा रही है। भाजपा-एनडीपीपी ने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है।

कोहिमा।

नागालैंड में भाजपा-एनडीपीपी गठबंधन की सरकार बनने जा रही है। भाजपा-एनडीपीपी ने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। नागालैंड में विधानसभा की 60 सीटें हैं लेकिन चुनाव 59 सीटों पर ही हुआ था। तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके नेफ्यू रियो उत्तरी अंगामी-2 सीट से निर्विरोध चुने गए थे।

 

 

 


आपको बता दें कि राज्य में भाजपा-एनडीपीपी गठबंधन को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। उसे बहुमत से 2 कम यानि 29 सीटें ही मिली है। राज्य में सरकार बनाने के लिए 31 विधायकों का समर्थन चाहिए। रविवार को राज्यपाल पी. बी. आचार्य से मिलकर भाजपा-एनडीपीपी गठबंधन के नेताओं ने 31 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा और सरकार बनाने का दावा पेश किया।

 

 


नवगठित नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी(एनडीपीपी) के नेता नेफ्यू रियो की अगुवाई में भाजपा के वरिष्ठ नेता राम माधव और अन्य नेताओं ने राज्यपाल पी.बी.आचार्य से मुलाकात की और उन्होंने राज्य में सरकार बनाने के लिए पूर्ण बहुमत का दावा पेश किया। रियो ही गठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के दावेदार घोषित किए गए थे। भाजपा-एनडीपीपी गठबंधन को जदयू ने समर्थन दिया है। उसका एक उम्मीदवार चुनकर आया है।

 

 

 


एक निर्दलीय विधायक ने भी भाजपा-एनडीपीपी गठबंधन को समर्थन देने की घोषणा की है। भाजपा महासचिव राम माधव ने कहा कि हम सरकार बनाने की सहज स्थिति में हैं। हमारे पास एक निर्दलीय और एक जदयू विधायक का समर्थन हासिल है। रियो ने विश्वास जताया है कि भाजपा-एनडीपीपी गठबंधन राज्य को स्थिर सरकार देने में सफल होंगे क्योंकि उनके पास पर्याप्त संख्या है। बकौल रियो, गठबंधन सरकार की दो सर्वोच्च प्राथमिकताएं होंगी। पहली नगा राजनीतिक मसले का समाधान और दूसरा नागालैंड का चौतरफा विकास। भाजपा ने जेपी नड्डा और अरुण सिंह को नागालैंड का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

 

 

 


भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में यह विश्वास जताया गया था कि पार्टी नागालैंड और मेघालय में सरकार बनाएगी क्योंकि उसे दोनों राज्यों में सयहोगियों के साथ पूर्ण बहुमत है। भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले नगा पीपुल्स फ्रंट(एनपीएफ) से 15 साल पुराना गठबंधन तोड़ा और एनडीपीपी से हाथ मिलाया। एनडीपीपी ने 40 जबकि भाजपा ने 20 सीटों पर चुनाव लड़ा। एनडीपीपी को 17 जबकि भाजपा को 12 सीटें मिली। एनपीएफ 27 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को सिर्फ 1 सीट मिली थी। आपको बता दें कि 2003 में भाजपा ने एनपीएफ से हाथ मिलाया था। इसमें जदयू भी शामिल थी।