शिलांग सीट कांग्रेस के लिए सरदर्द बनी

Daily news network Posted: 2019-02-07 13:51:38 IST Updated: 2019-02-07 14:35:23 IST
शिलांग सीट कांग्रेस के लिए सरदर्द बनी
  • मेघालय के शिलांग सीट कांग्रेस नेतृत्व के लिए सरदर्द बना हुआ है, राज्य के शीर्ष नेतृत्व कुछ भी कह पाने की स्थिती में अभी तक नहीं है। आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी मेघालय प्रदेश कांग्रेस समिति(एमपीसीसी).....

शिलांग

मेघालय के शिलांग सीट कांग्रेस नेतृत्व के लिए सरदर्द बना हुआ है, राज्य के शीर्ष नेतृत्व कुछ भी कह पाने की स्थिती में अभी तक नहीं है। आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी मेघालय प्रदेश कांग्रेस समिति(एमपीसीसी) के समक्ष इस बार शिलांग संसदीय सीट पर किसी एक उम्मीदवार का चयन करना आसान नहीं होगा। इस सीट पर टिकट के लिए तीन नेताओं के नाम चर्चा में हैं। इनमें मौजूदा पार्टी सासंद विसेंट एच पाला, पूर्व गृहमंत्री एचडीआर लिंग्दोह और जान खारसिंग का नाम शामिल है।


 


 नोंगक्रम ब्लाॅक कांग्रेस समिति ने शिलांग सीट से खारसिंग को बेहतर उम्मीदवार के रूप में माना है। एेसे में उम्मीदवार चुनने को लेकर कांग्रेस असमंजस में होगी। टिकट किसे मिलेगा यह तो आगामी समय निर्धारित करेगा। बहरहाल दौड़ में सबसे आगे मौजूदा सांसद पाला का ही नाम है। पाला एमपीसीसी के कार्यकारी अध्यक्ष हैं और राहुल गांधी के करीबी भी बताए जाते हैं। चूंकि तुरा सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. मुकुल संगमा का नाम सबसे आगे है।


 



उधर संगमा को तुरा संसदीय सीट से कौन खड़ा होता है यह तय नहीं है, जबकि शिलांग से पाला को टिकट मिल सकता है। फिलहाल नोंगक्रेम ब्लाॅक कांग्रेस समिति ने एमपीसीसी के अध्यक्ष डा.सेलेस्टिन लिंगदोह को एक पत्र लिख कर राज्य और केंद्रीय नेतृत्व से खारसिंग के नमांकन पर विचार करने का अनुरोध किया है। खरसिंग प्रदेश इकाई के महासचिव हैं। हालांकि उन्होंने गत दिनों कहा था कि वे उम्मीदवारी की दौड़ में नहीं हैं।


 


 नोंगक्रेम समिति के सदस्यों ने कहा है कि खारसिंग ने आवेदन भले ही नहीं किया है, किंतु वे जीत सुनिश्चित कर सकते हैं। समिति का अनुरोध है कि उनक नाम सर्वसम्मत उम्मीदवार के रूप में विचार के लिए शामिल किया जाए, क्योंकि राज्य के एक प्रसिद्ध और लोकप्रिय व्यक्ति हैं। गौरतलब है कि खारसिंग ने अपनी उम्मीदवारी के अनुरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नोंगक्रोम के लोगों ने उनके नाम को आगे किया है, जिसके लिए वे आभारी हैं। वह भरोसा दिलाते हैं कि पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगी, उसका पालन करने में पीछे नहीं हटेंगे।