अरुणाचल प्रदेशः कांग्रेस सांसद ने की अफस्पा हटाने की मांग, सरकार पर मढ़ा दोहरे मापदंड का आरोप

Daily news network Posted: 2018-04-06 12:00:22 IST Updated: 2018-04-06 12:38:31 IST
अरुणाचल प्रदेशः कांग्रेस सांसद ने की अफस्पा हटाने की मांग, सरकार पर मढ़ा दोहरे मापदंड का आरोप
  • राज्य से लोकसभा सदस्य निनोंग ईरिंग ने राज्य के तीन जिलों में सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफस्पा) की मियाद छह महीने बढ़ाने के केंद्र के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है

ईटानगर।

अरूणाचल प्रदेश में अफस्पा की मियाद बढ़ाने का कांग्रेस सांसद ने कड़ा विरोध किया है। राज्य से लोकसभा सदस्य निनोंग इरिंग ने राज्य के तीन जिलों में सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफस्पा) की मियाद छह महीने बढ़ाने के केंद्र के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है।

 

 

इरिंग ने कहा कि जब अरुणाचल प्रदेश को शांतिपूर्ण राज्य के तौर जाना जाता है आैर केंद्र नगा मुद्दे का स्वीकार्य हल निकालने के लिए बातचीत कर रहा है, एेसे में राज्य के तीनों जिले में अफस्पा का क्या स्पष्टीकरण है? इसके साथ ही उनका आरोप है कि यह कदम राज्य की भाजपा सरकार की विरोधाभासी नीति को दर्शाता है।

 

 


छह महीने के लिए बढ़ार्इ गर्इ अफस्पा

केंद्र ने सोमवार को अरुणाचल पद्रेश के तीनो जिलों में आैर आठ थाना क्षेत्रों में अफस्पा मियाद को आैर छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। ये इलाके असम की सीमा से लगते हैं। गृह मंत्रायल की आेर से जारी एक अधिसूचना के मुताबिक तिरप, चेंगलांग आैर लोंगडिंग जिलों आैर अाठ थाना क्षेत्रों को आफस्पा 1958 के तहत अशांत घोषित किया गया है।

 

 


एक्ट सशस्त्र बलों को देता है विशेष अधिकार

 

 यह कानून सशस्त्र बलों को अशांत इलाकों में विभिन्न अभियान चलाने का विशेष अधिकार अौर प्रतिरक्षा व्यवस्था उपलब्ध करवाता है। इस एक्ट के तहत सिक्योरिटी फोर्स बिना वारंट के तलाशी आैर गिरफ्तारी कर सकती है। गृह मंत्रालय के द्वारा अधिसूचना के मुताबिक सशस्त्र बल अधिनियम 1958 के तहत अरुणाचल प्रदेश के इन तीनों इलाकों में एक अप्रैल से 30 सितंबर तक रहेगी।