असम की तरह बंगाल में भी कांग्रेस को हो सकता है बड़ा नुकसान

Daily news network Posted: 2018-04-04 18:06:53 IST Updated: 2018-04-04 21:36:39 IST
असम की तरह बंगाल में भी कांग्रेस को हो सकता है बड़ा नुकसान
  • पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अधीर रंजन के साथ कुछ वैसी ही समस्या है जो असम में हिमंत बिस्वा सरमा के साथ थी। कांग्रेस को पश्चिम बंगाल में क्या असम जैसा झटका लगने वाला है।

नर्इ दिल्ली।

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अधीर रंजन के साथ कुछ वैसी ही समस्या है जो असम में हिमंत बिस्वा सरमा के साथ थी। कांग्रेस को पश्चिम बंगाल में क्या असम जैसा झटका लगने वाला है। जी हां एेसा सुनने में आ रहा है कि अधीर रंजन हाथ का साथ छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले हैं। चर्चा है कि प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी कांग्रेस छोड़ने की तैयारी में हैं। इस पर अधीर रंजन चौधरी को जानने वालों का कहना है कि वे कांग्रेस छोड़ सकते हैं पर भाजपा में जाना मुश्किल है।

 


 


 बता दें कि असम में सोनिया और राहुल गांधी ने पार्टी का कमान तरुण गोगोई के हाथ में दे दी थी और सरमा को अनदेखा कर रहे थे। इस वजह से पार्टी छोड़ कर गए। दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में राहुल ने पूरी पार्टी अधीर चौधरी को सौंप रखी है। उनके प्रति सोनिया और राहुल दोनों का सद्भाव है और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी उनको बहुत पसंद करते हैं। प्रणब मुखर्जी 2004 में पहली बार अधीर चौधरी की मदद से ही लोकसभा का चुनाव जीते थे।

 


 

 अधीर चौधरी की समस्या ममता बनर्जी हैं। वे ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के साथ राजनीति नहीं कर सकते हैं। एेसा कहा जा रहा है कि अगर कांग्रेस ने ममता की पार्टी के साथ तालमेल किया तो अधीर चौधरी पार्टी छोड़ देंगे। वे चाहते हैं कि कांग्रेस पार्टी या तो अकेले लड़े या लेफ्ट पार्टियों के साथ तालमेल करे। उन्होंने ममता को भड़काने के लिए पिछले कुछ दिनों में कई बयान दिए। उन्होंने ममता के भाजपा विरोध पर भी सवाल उठाया और कहा कि उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। राहुल गांधी के लिए पश्चिम बंगाल का फैसला तलवार की धार पर चलने जैसा है।