असम एनआरसीः कांग्रेस ने भाजपा पर लगाया सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का आरोप

Daily news network Posted: 2019-08-03 16:21:48 IST Updated: 2019-08-03 18:22:55 IST
असम एनआरसीः कांग्रेस ने भाजपा पर लगाया सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का आरोप
  • विधानसभा में असम समक्षौता क्रियान्वयन एवं संसदीय कार्य मंत्री चंद्र मोहन पटवारी की ओर से गत दिवस एनआरसी से बाहर लोगों का आंकड़ा पेश करने का मसला राजनीतिक तूल लेता नजर आ रहा है।

गुवाहाटी

विधानसभा में असम समक्षौता क्रियान्वयन एवं संसदीय कार्य मंत्री चंद्र मोहन पटवारी की ओर से गत दिवस एनआरसी से बाहर लोगों का आंकड़ा पेश करने का मसला राजनीतिक तूल लेता नजर आ रहा है। नेता विरोधी दल देवब्रत सैकिया ने इसे सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का खुला उल्लंघन बताते हुए देश की सर्वोच्च अदालत को इस बारे में अवगत कराने की बात कही है।


 यहां पत्रकारों के सामने सैकिया ने कहा कि एनआरसी अद्यतन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल सितंबर के दौरान राज्य संयोजक प्रतीक हाजेला को साफ निर्देश दिया था कि जब तक यह प्रकिरया पूरी नहीं हो जाती, अदालत की अनुमती के बिना केंद्र, राज्य यहां तक कि विधायिका से भी आंकड़े साझा नहीं करेंगे। वृहस्पतिवार को समाप्त हुए विधानसभा के मानसून सत्र में मंत्री पटवारी ने एनआरसी में नामों को शामिल किए गए, निकाले गए और शामिल नहीं किए गए आवेदकों की जिलेवार सूची रखी थी।



 उसके मुताबिक दक्षिण शालमारा जैसे बांग्लादेश की सीमा से लगे जिलों में एनआरसी में नाम नहीं जुड़ने का प्रतिशत 7.22, धुबड़ी में 8.26 और करीमगंज में 7.67 है। जबकि कुल 3 करोड़ 29 लाख 91हजार 385 आवेदकों में से 40 लाख  7 हजार 717 आर्थात 12.15 प्रतिशत लोगों के नाम अंतिम ड्राफ्ट एनआरसी में शामिल नहीं हुए थे। नेता विरोधी दल के मुताबिक यह सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश का उल्लंघन है। सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है। वे इस बात से सुप्रीम  कोर्ट को अवगत कराएंगे। असम सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद एनआरसी से जुड़े आंकड़े जारी किए हैं। 


 उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एनआरसी अद्यतन का काम और आगे बढ़ाना चाहती है। जबकि राज्य संयोजक हाजेला ने साफ किया है कि सरकार की ओर से वांछित 20 प्रतिशत की जगह 27 फीसदी आवेदकों का पुनर्सत्यापन कराया जा चुका है। एेसे में एक बार और सत्यापन कराने की जरूरत नहीं है। एनआरसी में बिना वजह और अधिक देर करने की जरूरत नहीं है।