चौंकाने वाला है कर्नाटक के एग्जिट पोल, मणिपुर और गोवा जैसा हो सकता है कांग्रेस का हाल

Daily news network Posted: 2018-05-12 20:56:21 IST Updated: 2018-05-12 20:56:21 IST
चौंकाने वाला है कर्नाटक के एग्जिट पोल, मणिपुर और गोवा जैसा हो सकता है कांग्रेस का हाल
  • पिछले साल हुए पांच राज्यों के चुनाव में मणिपुर और गोवा में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन इन दोनों राज्यों में कांग्रेस सरकार बनाने से चूक गई थी।

कर्नाटक चुनाव का मतदान पूरा होने के साथ ही विभिन्न एजेंसियों के एग्जिट पोल चौंकाने वाले हैं। मतदान के बाद मोटे तौर पर चार प्रमुख एग्जिट पोल सामने आए हैं, जिनमें से दो में कांग्रेस और दो में बीजेपी को बढ़त दिखाई गई है।


 अगर एग्जिट पोट सच साबित हुए तो कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी है। पिछले साल हुए पांच राज्यों के चुनाव में मणिपुर और गोवा में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन इन दोनों राज्यों में कांग्रेस सरकार बनाने से चूक गई थी। इन दोनों राज्यों में बीजेपी ने बाजी मार ली थी। यही हाल कांग्रेस का मेघालय में भी हुआ था।

 


 कांग्रेस को जो दो एग्जिट पोल अच्छे लग रहे होंगे वे हैं- इंडिया टुडे- एक्सिस का एग्जिट पोल और टाइम्स नाव का एग्जिट पोल। पहले पोल में कांग्रेस को 106 से 118 सीटें मिलती दिख रही हैं तो दूसरे पोल में 90 से 103 सीटें मिलती दिख रही हैं। वहीं, बीजेपी को जो पोल अच्छे लग रहे होंगे वे हैं सी वोटर और न्यूज एक्स के एग्जिट पोल। इनमें बीजेपी को क्रमश: 97 से 109 और 94 से 114 सीटें मिलती दिख रही हैं।


 इस तरह देखा जाए तो कोई भी सर्वे किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत की बात ठोककर नहीं कह पा रहा है। इंडिया टुडे एक्सिस के सर्वे में जरूर कांग्रेस को 118 सीटें तक मिलने की बात कही जा रही है, लेकिन बाकी तीनों सर्वे उसे पूर्ण बहुमत तो नहीं ही दे रहे हैं। ऐसे में बहुमत से कम सीटें जीतने पर कांग्रेस संकट में पड़ सकती है।

 


 अब देखना होगा कि अगले दो दिन कांग्रेस पार्टी के लिए खुशी मनाने वाले होंगे या फिर आगे की रणनीति बनाने वाले। क्योंकि कांग्रेस को अच्छी तरह पता होगा कि अगर उसकी एक सीट भी बहुमत से कम रह गई तो उसके लिए सरकार बनाना बहुत कठिन हो जाएगा। क्योंकि पिछले तीन-चार साल में ऐसी आपात स्थिति में कांग्रेस के साथ किसी का जुड़ना तो दूर उसके अपने लोग ही उससे किनारा करते रहे हैं।


 पिछले साल हुए पांच राज्यों के चुनाव में मणिपुर और गोवा में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन इन दोनों ही राज्यों में वह सरकार नहीं बना सकी। गोवा में तो उसके वरिष्ठ विधायक ही पाला, बदलकर बीजेपी के साथ चले गए। उसके पूर्व मुख्यमंत्री भाजपा में चले गए। उधर मणिपुर में तो कांग्रेस के पास बहुमत से एक ही सीट कम थी, लेकिन पार्टी सरकार नहीं बना सकी। दोनों ही राज्यों में भाजपा की सरकार बनी। इससे पहले गुजरात में हुए राज्यसभा चुनाव में पार्टी के 22 विधायक टूट गए और पार्टी को सोनिया गांधी के राजनैतिक सचिव अहमद पटेल को राज्यसभा भेजने में पसीना आ गया।


 अरुणाचल प्रदेश में तो पूरी की पूरी पार्टी ही भाजपा में शामिल हो गई और बिना चुनाव के ही अरुणाचल में बीजेपी की सरकार बन गई। उसके पहले उत्तराखंड में कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा सहित पार्टी का बड़ा धड़ा बीजेपी में चला गया। वहां किसी तरह अदालत के दखल के बाद हरीश रावत सरकार बचा सके थे। वह सरकार भी मार्च 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के हाथों हार गई।