महिला पत्रकारों पर हमलों की निंदा, शिलॉन्ग में पत्रकार के घर पर फेंके गए थे पेट्रोल बम

Daily news network Posted: 2018-04-20 22:59:47 IST Updated: 2018-04-20 22:59:47 IST
महिला पत्रकारों पर हमलों की निंदा, शिलॉन्ग में पत्रकार के घर पर फेंके गए थे पेट्रोल बम
  • पत्रकारों के दो प्रमुख संगठनों नेशनल अलायंस ऑफ जर्नलिस्ट्स (एनएजे) और डेल्ही यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (डीयूजे) ने महिला पत्रकारों पर हो रहे हमलों की निंदा की है।

पत्रकारों के दो प्रमुख संगठनों नेशनल अलायंस ऑफ जर्नलिस्ट्स (एनएजे) और डेल्ही यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (डीयूजे) ने महिला पत्रकारों पर हो रहे हमलों की निंदा की है।


 दोनों संगठनों के एक संयुक्त बयान में यहां एनएजे के महासचिव एम. कोटेश्वर और संगठन के लैंगिक समानता परिषद् की अध्यक्ष सुजाता माधोक तथा डीयूजे के अध्यक्ष एस.के. पांडे ने कहा कि पिछले दिनों महिला पत्रकारों पर कई हमले हुये हैं।

 


 एक संपादक के घर पर पेट्रोल बम फेंका गया था, हिंदुत्व की आलोचना वाला कार्टून बनाने के लिए एक कार्टूनिस्ट को जान से मारने की धमकी दी गयी थी और हाल ही में एक राज्यपाल ने महिला पत्रकार को गाल पर थपकी दे दी थी।

 


 संयुक्त बयान में कहा गया है 'हम ऐसी घटनाओं की निंदा करते हैं जिनमें महिला पत्रकारों को निशाना बनाया गया है, जिसमें शारीरिक हिंसा, सोशल मीडिया पर परेशान करना, अदालती मामले दायर कराना या सत्ताधारियों तथा नेताओं द्वारा परोक्ष रूप से आक्रमकता दर्शाना शामिल है।'


 बयान में कहा गया है कि शिलांग टाइम्स की संपादक पैट्रिशिया मुखिम के घर पर 17 अप्रैल को पेट्रोल बम फेंका गया। वह लैंगिक, सामाजिक और पर्यावरण के मुद्दों पर प्रमुखता से लिखती रही हैं।

 


 उन्होंने उग्रवादी संगठनों द्वारा पूर्वोतर में हिंसा और बंदूक संस्कृति के खिलाफ भी आवाज उठाई है। सौभाग्यवश इस हमले में उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा। एक अन्य घटना में 16 अप्रैल को हैदराबाद पुलिस ने द हिंदू की कार्टूनिस्ट स्वाति बदलामुडी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।

 


 उन्होंने कठुआ और उन्नाव में बलात्कार की घटनाओं पर कर्टून बनाये थे। एक हिंदु राष्ट्रवादी समूह ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है। दोनों समूहों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया है।

 


 उन्होंने तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित द्वारा 17 अप्रैल को राजभवन में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान द वीक की संवाददाता लक्ष्मी सुब्रमण्यम के गालों पर थपकी देने की भी निंदा की है। पत्रकार ने उनसे कठिन सवाल पूछा था और राज्यपाल ने उसका जवाब न देकर बाद में उनके गाल पर थपकी दे दी।

 


 बयान में कहा गया है कि यह अपमानजनक है। इसे यौन प्रताडऩा की श्रेणी में भी रखा जा सकता है।