उतरवा दिया 3 साल के मासूम का जैकेट, सीएम सोनोवाल ने दिए जांच के आदेश

Daily news network Posted: 2019-01-30 16:24:29 IST Updated: 2019-02-01 10:45:12 IST
  • सोनोवाल की एक रैली के दौरान तैनात उति उत्साही पुलिस के जवानों ने काला जैकेट पहने एक बच्चे को रैली में जाने से रोक दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जिसके बाद सोनोवाल ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

एक ओर असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल को नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 के विरोध में विभिन्न संगठनों की ओर से काले झंडे दिखाये जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर मंगलवार को सोनोवाल की एक रैली के दौरान तैनात उति उत्साही पुलिस के जवानों ने काला जैकेट पहने एक बच्चे को रैली में जाने से रोक दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जिसके बाद सोनोवाल ने जांच के आदेश दे दिए हैं।



बता दें कि विश्वनाथ में आयोजित मुख्यमंत्री के आधिकारिक कार्यक्रम का यह घटनाक्रम विभिन्न टेलीविजन चैनलों पर दिखाया गया और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में एक महिला को अपने बच्चे की काली गर्म जैकेट को बदलते हुए दिखाया गया है और वह उसे एक हल्की शर्ट पहना रही है बच्चा ठंड से परेशान है और चिल्ला रहा है।



जब उस महिला यह पूछा गया कि उसने ड्रेस क्यों बदली, महिला ने बताया कि सुरक्षाकर्मी ने काली ड्रेस के कारण उसे कार्यक्रम में प्रवेश नहीं करने दे रहे थे जिसके कारण उसे जैकेट निकालना पड़ा। रैली में भाग लेने वाले युवकों को भी अपनी ड्रेस के रंग की जांच करानी पड़ रही थी।



पुलिस काली जैकट या किसी भी तरह के काले कपड़े पहनने व्यक्ति को रैली में नहीं जाने की चेतावनी जारी कर रही थी। काले कपड़ो के विरुद्ध यह अभियान मुख्यमंत्री को सार्वजनिक समारोहों में काले झंडे दिखाए जाने से बचाने के लिए किया गया था।



ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन और अन्य संगठनों ने नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में भारतीय जनता पार्टी और इसके शीर्ष नेताओं के साथ-साथ केंद्रीय मंत्रियों तथा मुख्यमंत्री के कई कार्यक्रमों के दौरान काले झंडे दिखाये हैं।


कांग्रेस ने साधा निशाना

 विश्वनाथ की घटना को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा ने राज्य की सोनोवाल सरकार पर तीखा हमला बोला है। उनके मुताबिक यह राज्य सरकार के मन में समाए डर और फासीवादी रवैया का ज्वलंत उदाहरण है। उसे तीन साल के बच्चे से भी अपने आप को खतरा महसूस होने लगा है। बोरा ने कहा कि पुलिस ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा के नाम पर तीन साल के एक बच्चे के साथ जो बर्ताव किया वह अत्यंत शर्मनाक है।