CJI रंजन गोगोई ने CBI में राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर दिया बड़ा बयान, जानिए कहा...

Daily news network Posted: 2019-08-15 08:55:25 IST Updated: 2019-08-15 08:55:25 IST
CJI रंजन गोगोई ने CBI में राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर दिया बड़ा बयान, जानिए कहा...
  • सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सीबीआई के एक कार्यक्रम में मंगलवार को एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सीबीआई में राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर सवाल किया कि ऐसा क्यों होता है कि जब किसी मामले का कोई राजनीतिक रंग नहीं होता, तब सीबीआई अच्छा काम करती है।

नई दिल्ली/गुवाहाटी।

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सीबीआई के एक कार्यक्रम में मंगलवार को एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सीबीआई में राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर सवाल किया कि ऐसा क्यों होता है कि जब किसी मामले का कोई राजनीतिक रंग नहीं होता, तब सीबीआई अच्छा काम करती है। साथ ही उन्हाेंने यह भी कहा कि सीबीआई के राजनीतिक इस्तेमाल की संभावना हमेशा बनी रहती है।

 


 जस्टिस गोगोई ने दो साल के अंतराल के बाद आयोजित किए गए डी पी कोहली स्मारक व्याख्यान के 18वें संस्करण में एजेंसी की कमियों और ताकतों के बारे में स्पष्ट बात की और उसे आगे बढ़ने के बारे में सलाह भी दी। काेहली सीबीआई के पहले निदेशक थे।

 


 सीजेआई ने कहा कि जांच एजेंसी के महत्वपूर्ण पहलुओं काे सरकार के समग्र प्रशासनिक नियंत्रण से अलग रखने के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्हाेंने अंतरराज्यीय अपराधाें की जांच के सीमित उद्देश्य से सार्वजनिक कानून व्यवस्था काे केंद्र और सरकार की साझी समवर्ती सूची में रखने का सुझाव दिया। जांच एजेंसी काे कानून बनाकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की तरह वैधानिक दर्जा देने की जरूरत पर भी जाेर दिया।

 


 जस्टिस गाेगाेई ने कहा, 'यह सच है, कि कई हाई प्रोफाइल और संवेदनशील मामलों में एजेंसी न्यायिक जांच के मानकों को पूरा नहीं कर पाई है। यह बात भी उतनी ही सच है कि इस प्रकार की खामियां संभवत: कभी-कभार नहीं होतीं।'


 उन्हाेंने कहा कि इस प्रकार के मामले व्यवस्थागत समस्याओं को उजागर करते हैं और संस्थागत आकांक्षाओं, संगठन संरचना, कामकाज की संस्कृति और शासी राजनीति के बीच समन्वय की गहरी कमी की ओर संकेत करते हैं।

 


 उन्होंने कहा, 'ऐसा क्यों है कि जब किसी मामले का कोई राजनीतिक रंग नहीं होता, तब सीबीआई अच्छा काम करती है। इसके विपरीत स्थिति के कारण विनीत नारायण बनाम भारत संघ मामला सामने आया, जिसमें सुप्रीम काेर्ट ने एजेंसी की निष्ठा काे बनाए रखने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश दिए।'