CJI गोगोई पर आरोप मामले में महिला की जमानत रद्द करने पर 3 मई को सुनवाई

Daily news network Posted: 2019-04-24 19:57:56 IST Updated: 2019-04-24 19:57:56 IST
CJI गोगोई पर आरोप मामले में महिला की जमानत रद्द करने पर 3 मई को सुनवाई
  • सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला की जमानत रद्द करने की अर्जी पर 3 मई को सुनवाई होगी।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला की जमानत रद्द करने की अर्जी पर 3 मई को सुनवाई होगी। दरअसल, सीजेआई पर आरोप लगाने वाली महिला सुप्रीम कोर्ट की पूर्व कर्मचारी है और पहले से धोखाधड़ी के मामले में जेल जा चुकी है और जमानत पर बाहर है।


 बता दें कि बीते शुक्रवार को महिला ने कई जजों को चिट्ठी लिखकर सीजेआई रंजन गोगोई पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। सीजेआई पर आरोप लगाने वाली महिला ने सुप्रीम कोर्ट के 22 जजों को चिट्ठी भेजी थी। चिट्ठी में महिला ने सीजेआई पर यौन उत्पीड़न करने, राजी न होने पर नौकरी से हटाने और परिवार को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे।

 


 दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पटियाला हाउस कोर्ट में सीजेआई पर आरोप लगाने वाली महिला की जमानत रद्द करने की अर्जी लगाई थी। इस मामले पर 24 अप्रैल को सुनवाई होनी थी लेकिन अब 3 मई को कोर्ट इसे सुनेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला के खिलाफ बीते 3 मार्च को दिल्ली के तिलक मार्ग थाने में धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी और आपराधिक साजिश रचने जैसे आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया था।

 


 हरियाणा के नवीन कुमार नाम के शख्स ने महिला के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया था। शख्स का आरोप है कि आरोपी महिला ने सुप्रीम कोर्ट में नौकरी लगवाने के लिए 10 लाख रुपये की मांग की थी, जिसके लिए 50 हजार रुपये वह एडवांस में दे चुका था। तीन महीने बाद भी नतीजा सिफर रहा तो वह आरोपी महिला से मिलने सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जहां उसे धमकाया गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक उसने कोर्ट परिसर में ही आरोपी महिला को 50 हजार रुपये दिए थे।


 पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ आईपीसी की धारा 420/506 और 120 B के तहत मामला दर्ज कर लिया था। 10 मार्च को आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया था और 11 मार्च को उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। 12 मार्च को महिला को पटियाला हाउस कोर्ट से जमानत मिल गई थी। आरोपी महिला का मामला दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा देख रही है। शिकायतकर्ता ने उसे डराने धमकाने की शिकायत की है। इस पर क्राइम ब्रांच ने पटियाला हाउस कोर्ट में महिला की जमानत रद्द करने के लिए के लिए अर्जी दी थी।


 वहीं, सीजेआई अपने ऊपर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को निराधार बता चुके हैं। सीजेआई ने कहा कि उनके खाते में छह लाख अस्सी हजार रुपये हैं, साफ है कि जो लोग पैसों से उन्हें नहीं खरीद सके वो अब इस तरह के हथकंडे आजमा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में वह कुछ महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई करने वाले है, ऐसा न हो इसलिए यह साजिश रची गई है। सीजेआई ने कहा कि वह रुकने वाले नहीं हैं, अपना काम करते रहेंगे। सीजेआई मामले में एक समिति का गठन किया गया है जो मामले की जांच कर रही है।