Article 370: Gogoi ने कहा, मेंशन करने लायक भी नहीं याचिका, सुनवाई से किया इनकार

Daily news network Posted: 2019-08-17 10:54:42 IST Updated: 2019-08-17 17:58:24 IST
  • जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने से इन्कार कर दिया।

नई दिल्ली

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने से इन्कार कर दिया। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए कहा कि मैंने आधे घंटे याचिका पढ़ी। इसके बावजूद समझ नहीं आया कि आप कहना क्या चाहते हैं। ये किस तरह की याचिका है? यह तो मेंशन के लायक भी नहीं है।

 

 

सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं समीक्षा

इस पर साॅलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, सुरक्षा एजेंसियां रोज कश्मीर के हालात की समीक्षा कर रही हैं। हमें जमीनी हकीकत के बारे में पता है। वकील मनोहर लाल शर्मा ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने के सरकार के फैसले के अगले दिन ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मामले पर तुरंत सुनवाई की मांग की थी। हालांकि, कोर्ट ने इससे इनकार कर दिया था। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबड़े और जस्टिस एसए नजीर की विशेष बेंच याचिकाकर्ता वकील एमएल शर्मा के अलावा कश्मीर टाइम्स की एग्जीक्यूटिव एडिटर अनुराधा भसीन की याचिका पर भी सुनवाई करेगी।

 

 


कर्फ्यू हटाने की मांग

भसीन ने कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट और लैंडलाइन सेवा समेत संचार के सभी माध्यम दोबारा बहाल करने की अपील की है, ताकि मीडिया राज्य में सही तरह से अपना काम कर सके। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता तहसीन पूनावाला की याचिका पर सुनवाई की थी। पूनावाला ने भी जम्मू-कश्मीर से कर्फ्यू हटाने, फोन-इंटरनेट और न्यूज चैनल पर लगे प्रतिबंध हटाने की भी मांग की थी।

 

 


सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से किए सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सरकार से पूछा कि राज्य में प्रतिबंध कब तक जारी रहेंगे। सरकार ने कहा कि वहां हालात बेहद संवेदनशील हैं और प्रतिबंध सभी के हित में है। सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में प्रतिबंध हटाने के बारे में तत्काल कोई भी आदेश देने से इनकार कर दिया। सरकार ने कोर्ट से कहा था कि हम राज्य के हालात की हर दिन समीक्षा कर रहे हैं। वहां खून की एक भी बूंद नहीं गिरी, किसी की जान नहीं गई।