राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल, उत्तर-पूर्व राज्यों में भारी विरोध

Daily news network Posted: 2019-02-12 14:06:18 IST Updated: 2019-02-12 14:07:01 IST
राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल, उत्तर-पूर्व राज्यों में भारी विरोध
  • नागरिकता संशोधन बिल आज राज्यसभा में पेश किया जाएगा। पिछले महीने यानी 8 जनवरी को नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा में पास कराया गया था। इसके बाद से इस बिल का उत्तर-पूर्व राज्यों में भारी विरोध हो रहा है।

नागरिकता संशोधन बिल आज राज्यसभा में पेश किया जाएगा। पिछले महीने यानी 8 जनवरी को नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा में पास कराया गया था। इसके बाद से इस बिल का उत्तर-पूर्व राज्यों में भारी विरोध हो रहा है।

 


 बीजेपी शासित पूर्वोत्तर के दो राज्यों अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर के मुख्यमंत्रियों ने नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध किया है। सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के साथ 30 मिनट तक चली मुलाकात में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने अनुरोध किया कि ये विधेयक राज्यसभा से पारित न हो। राजनाथ सिंह ने दोनों मुख्यमंत्रियों को आश्वस्त किया कि पूर्वोत्तर के स्वदेशी लोगों के अधिकार किसी भी सूरत में प्रभावित नहीं होंगे।


नागरिकता संशोधन विधेयक 2016 के तहत नागरिकता कानून 1955 में संशोधन कर पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए गैर मुस्लिम धार्मिक अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता दिए जाने की बात कही गई है। इस बिल के कानून बनने के बाद अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म के मानने वाले अल्पसंख्यक समुदायों को 12 साल के बजाय छह साल भारत में गुजारने पर और बिना उचित दस्तावेजों के भी भारतीय नागरिकता मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। वहीं लोगो के जरिए इस बिल को लेकर विरोध किया जा रहा है कि इससे उनकी सांस्कृतिक, भाषाई और पारंपरिक विरासत के साथ खिलवाड़ होगा।


 असम समेत पूर्वोत्तर के तमाम राज्यों में जिस सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल (नागरिकता संशोधन) का विरोध हो रहा है, उससे बांग्लादेशियों की जगह पाकिस्तानियों को ज्यादा फायदा पहुंचने वाला है। इस बिल के जरिए पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए 31 हजार से ज़्यादा प्रवासियों को सीधा फायदा मिलता नज़र आ रहा है। इस बिल से उन लोगों को फायदा होगा जिन्हें सरकार ने ही लॉन्ग टर्म वीजा (एलटीवी) दिया हुआ है।