सीमा पर बेखाैफ घूमेगी चीनी सेना

Daily news network Posted: 2018-04-10 18:10:18 IST Updated: 2018-04-10 18:10:18 IST
सीमा पर बेखाैफ घूमेगी चीनी सेना
  • चीन की सेना अपनी सीमा सुरक्षा के प्रबंधन को बेहतर बना रही है , वह नए तरीके के उपकरण विकसित कर रही है।

नर्इ दिल्ली।

चीन की सेना अपनी सीमा सुरक्षा के प्रबंधन को बेहतर बना रही है , वह नए तरीके के उपकरण विकसित कर रही है।  जिनका इस्तेमाल हर तरह के मौसम में सीमा के क्षेत्राें में निगरानी के लिए किया जा सकेग। इनमें उपग्रह पूर्व चेतावनी सिस्टम जैसे उपकरण भी शामिल है। चीन की सरकारी मीडिया ने सोमवार को अपनी खबर में बताया कि उपग्रह पूर्व चेतावनी  निगरानी प्रणाली का एेसे सीमांत इलाको में इस्तेमाल करने की योजना है जहां पर विवाद है, या जहां प्रवेश आैर गश्त करना मुश्किल है। 

 

 


 

 इस खबर में बताया गया है कि सीमा क्षेत्रों में निगरानी कैमरे का नेटवर्क भी विकसित किया जाएगा आैर निगरानी का दायरा बढ़ाया जाएगा। ताकि दुर्गम स्थानों पर भी नजर जा सके। हालांकि रिपाेर्ट में यह नहीं बताया गया कि ये तैयारियां चीन के सभी सीमांत क्षेत्रों के लिए हैं या चुनिंदा क्षेत्रों के लिए। भारत आैर चीन के बीच 3488 किमी नियंत्रण रेखा में अरुणाचल प्रदेश भी आता है।

 


चीन जिसे दक्षिणी चीन बताकर अपना दावा करता आ रहा है। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट में सैन्य विशेषज्ञ सोन्ग ने यह कहा कि इस सिस्टम के जरिए पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की निगरानी व्यवस्था, सूचना प्रणाली, उपकरणों आैर वाहनों की मदद से सुरक्षा को किसी भी प्रकार का खतरा होने पर पहले चेतावनी मिल सकेगी ।

 


 इसके साथ ही सोन्ग ने कहा था कि पीएलए को अपने उपकरणों का दायरा बढ़ाना होगा। इसमें गश्त आैर मानवरहित निगरानी सिस्टम स्थापित करने के लिए ड्रोन आैर ट्रेकिंग सिस्टम स्थापित करने होंगे। चीन ने भौगोलिक वातावरण को देखते हुए एेसे उपकरण विकसित किए है जो जल, वायु आैर भूमि पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

 

 


सीमा पर निगरानी के नए सिस्टम की जानकारी देते हुए ग्लोबल टाइम्स ने लद्दाख की पांगोंग झील को भी जिक्र किया है। बता दें कि पीएलए ने वहां अपनी नौका तैनात की है जो गैर धातु सामग्री से बनी हुर्इ है। यह नौका 17 सशस्त्र सैनिकों को लेकर 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती है। इसे दक्षिणी पश्चिमी चीन के युन्नान प्रांत में तैनात किया गया है। इस प्रांत की सीमा तीनों देशों से मिलती हैं।