भारत की सख्ती के बाद नरम पड़े चीन के तेवर, दिया ये ऑफर

Daily news network Posted: 2018-04-20 15:16:15 IST Updated: 2018-04-20 15:16:15 IST
भारत की सख्ती के बाद नरम पड़े चीन के तेवर, दिया ये ऑफर
  • चीन ने अपने तेवरों में नरमी दिखाते हुए भारतीय सेना के साथ अभ्यास का प्रस्ताव दिया है। चीन ने यह प्रस्ताव डोकलाम में बर्फ पिघलने से कुछ दिन पहले ही दिया है।

नई दिल्ली।

चीन ने अपने तेवरों में नरमी दिखाते हुए भारतीय सेना के साथ अभ्यास का प्रस्ताव दिया है। चीन ने यह प्रस्ताव डोकलाम में बर्फ पिघलने से कुछ दिन पहले ही दिया है। आपको बता दें कि चीन ने डोकलाम विवाद से ठीक पहले बिना कोई कारण बताए इस सैन्य अभ्यास को स्थगित कर दिया था लेकिन अब रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के बीजिंग दौरे से पहले चीन का यह कदम उसके रवैये में बदलाव का संकेत देता है। चीन ने अपने आधिकारिक प्रस्ताव में कहा है कि दोनों देशों की सेनाएं इस साल के अंत तक कभी भी साझा सैन्य अभ्यास कर सकती है। 

 

 

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण शंघाई सहयोग संगठन में हिस्सा लेने के लिए 24 अप्रेल को बीजिंग में होंगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों की सेनाओं के बीच सैन्य अभ्यास के संबंध में उनकी चीनी समकक्ष वेइ फेंघे से बातचीत हो सकती है। एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए इसी दौरान सुषमा स्वराज भी बीजिंग में होंगी। फिलहाल दोनों देशों के बीच सालाना सैन्य अभ्यास स्थगित चल रहा है। आमतौर पर हर साल की शुरुआत में दोनों देशों के बीच रक्षा सचिव स्तर की बैठक में सैन्य अभ्यास का शेड्यूल तय होता है।



2016 के अंत में भारत ने चीन के साथ 2017 में सैन्य अभ्यास का प्रस्ताव दिया था, लेकिन चीन ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। इसके चलते अभ्यास का समय तय करने वाले सचिव स्तर की वार्ता तय नहीं हो सकी और जून 2017 तक डोकलाम में चीनी सेना उतर गई थी। इसके बाद फिर पूरा साल बिना किसी बातचीत के ही गुजर गया। यही नहीं, डोकलाम में दोनों देशों की सेनाएं करीब 70 दिन तक आमने सामने डटी रहीं, जिससे तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। इस बार चीन ने साझा अभ्यास का प्रस्ताव दिया है। 



अगर दोनों मंत्रियों के बीच प्रस्ताव पर सहमति बनती है तो इसके बाद सचिव स्तर की वार्ता होगी और फिर अगले कुछ माह के भीतर ही तारीख तय होगी। बता दें कि डोकलाम पठार पर अभी भी चीनी सैनिक निर्माण कार्य की कोशिश में हैं, जिस पर भारतीय सेना की पैनी नजर है।