बॉर्डर पर ड्रैगन ने फिर उगली आग, भारत को दी सीधी चेतावनी

Daily news network Posted: 2018-04-10 09:51:48 IST Updated: 2018-04-10 16:53:38 IST
  • बता दें कि डोकलाम को लेकर भारत और चीन के बीच विवाद थमा भी नहीं था कि अब असफिला क्षेत्र (अरुणाचल प्रदेश) को लेकर तनाव पैदा हो गया है।

बीजिंग।

अरुणाचल प्रदेश सीमा विवाद के बाद चीन ने भारत को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) का सम्मान करने, सीमा मुद्दे को तूल देने से परहेज करने और अमन-चैन बनाए रखने के लिए उसके साथ मिलकर काम करने को कहा है। बता दें कि डोकलाम को लेकर भारत और चीन के बीच विवाद थमा भी नहीं था कि अब असफिला क्षेत्र (अरुणाचल प्रदेश) को लेकर तनाव पैदा हो गया है। एक बार फिर से दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति बनती दिख रही है।


 

 

असफिल पर टिप्पणी से इनकार

अरुणाचल प्रदेश से लगे सामरिक रूप से संवेदनशील असफिला इलाके में भारतीय सैनिकों के अतिक्रमण पर चीन की ओर से दर्ज कराए गए विरोध संबंधी खबर को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में चीनी विदेश मंत्रालय ने सीधी टिप्पणी करने के इनकार कर दिया है।  

 

 


चीन ने भारत को दी सलाह

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग कहा कि चीन-भारत सीमा पर हाल में घटित जिस घटना का आपने जिक्र किया है मैं उस मामले से अच्छी तरह वाकिफ  नहीं हूं। गेंग ने कहा कि सीमा मुद्दे के समाधान तक उम्मीद है कि समझौता प्रोटोकॉल के तहत भारतीय पक्ष वास्तविक नियंत्रण रेखा का सम्मान और इसका पालन करे और मुद्दों को तूल देने से परहेज करते हुए सीमाई क्षेत्र में अमन-चैन बहाल रखने के लिए चीन के साथ मिलकर काम करें। 

 

 


अरुणाचल को मान्यता नहीं देता है चीन

उन्होंने कहा कि चीन ने लगातार कहा है कि बीजिंग अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं देता। उसका दावा है कि यह दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा है। गेंग ने कहा कि भारत-चीन सीमा पर चीन का रूख समान और स्पष्ट है। चीन की सरकार ने तथाकथित अरूणाचल प्रदेश को कभी मान्यता नहीं दी है।

 


सीमा पर शांति बनाए रखने की कही बात

उन्होंने कहा कि चीन और भारत सीमाई मुद्दों को सुलझाने और उचित तथा तर्कसंगत समाधान के लिए विचार-विमर्श और समझौता वार्ता में भागीदारी कर रहे हैं, जो कि दोनों पक्षों को स्वीकार्य हो। दोनों देशों में सीमाई मुद्दे को सुलझाने के लिए विशेष प्रतिनिधि स्तरीय वार्ता का तंत्र है। सीमा विवाद सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच अब तक 20 वें दौर की वार्ता हो चुकी है और 3488 किलोमीटर लंबी एलएसी के पास शांति बनाए रखने के लिए विभिन्न तंत्र है।

 

 


चीन की आपत्ति

इससे पहले एक दिन पहले रविवार को ऐसी खबर आई थी कि अरुणाचल प्रदेश के असफिला क्षेत्र में भारतीय सेना की पेट्रोलिंग को लेकर चीन ने कड़ी आपत्ति जताई है। चीन ने इस क्षेत्र को लेकर फिर से अपना दावा ठोका और भारतीय सेना की पेट्रोलिंग को अतिक्रमण करार दिया। चीन ने दावा किया कि असफिला क्षेत्र उसका हिस्सा है, जबकि भारतीय सेना ने चीनी सेना के इन आरोपों और आपत्तियों को सिरे से खारिज कर दिया। सूत्रों के अनुसार चीन ने इस मुद्दे को 15 मार्च को बॉर्डर पर्सनेल मीटिंग के दौरान उठाया था, जिसे भारतीय सेना ने फौरन सिरे से खारिज कर दिया। यह बैठक किबिथू इलाके में चीन की तरफ  दईमाई चौकी पर हुई। भारतीय सेना ने असफिला क्षेत्र में चीन के दावों को भी खारिज किया है।