‘मेघालय की अवैध कोयला खदानों में बच्चों से करा रहे हैं काम’

Daily news network Posted: 2019-02-11 10:54:09 IST Updated: 2019-02-12 08:26:27 IST
‘मेघालय की अवैध कोयला खदानों में बच्चों से करा रहे हैं काम’

शिलॉन्ग।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के एक सदस्य ने मेघालय की अवैध कोयला खदानों में बच्चों से काम कराए जाने पर चिंता जाहिर की है। आपको बता दें कि चार साल पहले राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने इन खदानों पर प्रतिबंध लगा दिया था। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य जस्टिस पीसी घोष ने पर्यावरण पर पड़ रहे प्रभाव और श्रमिकों की सुरक्षा के लिए अथॉरिटीज से अवैध कोयला खदान को बंद करने का अनुरोध किया है।

 

 


 बंधुआ मजदूर और बाल मजदूर प्रणाली के उन्मूलन पर आयोजित वर्कशॉप को संबोधित करते हुए जस्टिस पीसी घोष ने कहा, कम ऊंचाई के कारण खदानों की सुरंगों को रैट होल्स कहा जाता है। इस कारण बच्चों को इन कोयला खदानों में काम पर लगाया जाता है। कोयला निकालने व मजदूरों के प्रवेश के लिए संकरी हॉरिजॉन्टल सुरंगों (सामान्यतया 3 से 4 फीट ऊंची होती है)की खुदाई की जाती है। यह देखा गया है कि इन खदानों में बाढ़ का पानी घुस जाता है, इसके चलते कई मौतें हुई है। हाल ही में पूर्वी जैंतिया हिल्स जिले में एक ऐसा ही मामला सामने आया था।

 

 

 


 जस्टिस पीसी घोष ने उम्मीद जाहिर की है कि प्रभावित श्रमिक परिवारों को आ रही दिक्कतों को एड्रैस करने के लिए प्रशासन ने कदम उठाएगा। आपको बता दें कि दिसंबर में एक अवैध कोयला खदान में 15 मजदूर फंस गए थे। लंबे राहत व बचाव अभियान के बावजूद अभी तक खदान से सिर्फ एक शव ही बरामद किया गया है। खदान के पास ही एक नदी है। उसका पानी दीवार को तोडऩे के बाद खदान में घुस गया था। नौसेना व एनडीआरएफ के गोताखोरों ने अंडर वाटर रिमोटली ऑपरेटेड व्हिकल(आरओवी) का इस्तेमाल कर पिछले महीने एक शव को बरामद किया था।

 

 


 ऑपरेशन के प्रवक्ता आर.सुसन्गी ने बताया कि आरओवी ने एक और शव को डिटेक्ट किया, लेकिन उसे बरामद नहीं किया जा सका। खदान के अंदर गंदा पानी जमा होने के कारण शव फिर से अंदर चला गया। फिलहाल नौ सेना चौबीस घंटे आरओवी से नजर रखे हुए है। आपको बता दें कि खदान हादसे के बाद 14 दिसंबर को कोयला खदान के मालिक के.चुल्लेट को गिरफ्तार किया गया था। खदान को ऑपरेट करने में कथित रूप से शामिल दो और लोग फरार हैं।