खेलों को मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार ने दिया त्रिपुरा को 40 करोड़ का तोहफा

Daily news network Posted: 2018-04-09 14:59:47 IST Updated: 2018-04-09 15:50:14 IST
खेलों को मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार ने दिया त्रिपुरा को 40 करोड़ का तोहफा
  • त्रिपुरा में खेल के बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने 40 करोड़ रुपए का बजट देने का वादा किया हैं।

अगरतला

त्रिपुरा में खेल के बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने 40 करोड़ रुपए का बजट देने का वादा किया हैं। इससे पहले राज्य खेल मंत्री मनोज कांती देब ने राज्यवर्धन सिंह राठौर से नई दिल्ली में मुलाकात की और राज्य में खेल को विकसित करने के लिए समर्थन का अनुरोध किया था।

 

 

 

 जिमनास्टिक के कोच और अर्जुन पुरस्कार विजेता बिसवर्स्वर नंदी ने खेल के विकास के लिए बीजेपी सरकार द्वारा दिए जा रहे इस अनुदान का स्वागत किया है और बधाई दी है। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जतार्इ है कि राज्य में नर्इ सराकार के इस बजट से राज्य के खिलाड़ियों को मदद मिलेगी।

 


 उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में जिमनास्ट और अन्य एथलीटों के प्रशिक्षण के लिए अधिक उपकरण और उचित आधार की जरूरत है। कोच ने कहा, "हमें नए प्रशिक्षकों और उपकरणों की भी जरूरत है। सरकार की तरफ से खेलों को महत्व दिए जाने पर मुझे बहुत खुशी है।"

 

 


 त्रिपुरा अम्पायर एसोसिएशन के सचिव प्रशांत चक्रवर्ती ने भी इस कदम का स्वागत किया और कहा कि खेल के लिए फंड देने का आश्वासन मिलना एक  "बहुत अच्छी खबर" है। उन्होंने कहा, "अगर इसका ठीक से उपयोग किया जाता है, तो इससे राज्य के उभरते खिलाड़ियों को बहुत मदद मिलेगी। इस फंड से हम राज्य में एक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के साथ-साथ खिलाडियों के लिए हम एक अच्छी व्यायामशाला का निर्माण कर सकते हैं।"

 

 

 


 इसके साथ ही राज्य के खेल मंत्री व खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री देब ने केंद्रीय खाद्य मंत्री सीआर चौधरी से भी मुलाकात की और त्रिपुरा से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से अनाज की खरीदने के लिए अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री ने देब को यह आश्वासन दिया है कि केंद्र सरकार त्रिपुरा से उचित मूल्य पर अनाज की खरीददारी करेगी।

 

 

 


इसके अलावा उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वह सब्सिडी दरों पर उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से चीनी और दाल की आपूर्ति के प्रस्ताव पर विचार करेंगे। एक अनुमान के अनुसार, उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से आपूर्ति के लिए आवश्यक चीनी सब्सिडी सालाना 65 करोड़ से अधिक होगी। पिछले साल मई से उचित मूल्य की दुकानों में चीनी आपूर्ति रोक दी गई थी।

 


 गौरतलब है कि देब ने अपने इस दौरे में विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा द्वारा किए गए वादे के अनुसार राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने और उसे जुड़े हुए संबंधित मुद्दों को और भी मजबूत करने के लिए कई प्रस्तावों पर भी चर्चा की।