NRC की एक और गलती, BSF अफसर और उसकी पत्नि को बताया विदेशी

Daily news network Posted: 2019-08-23 23:12:09 IST Updated: 2019-08-24 17:04:23 IST
  • असम के जोरहाट जिले के Foreigners Tribunal (FT) ने यहां के निवासी BSF सब इंस्पेक्टर तथा उनकी पत्नि को विदेशी घोषित कर दिया।

गुवाहाटी

जैसे—जैसे असम NRC के फाइनल ड्राफ्ट के जारी होने की तिथि नजदीक आ रही है वैसे—वैसे इसमें हो रही ग​लतियां भी सामने आ रही है। हाल ही में असम के जोरहाट जिले के Foreigners Tribunal (FT) ने यहां के निवासी BSF सब इंस्पेक्टर तथा उनकी पत्नि को विदेशी घोषित कर दिया। पुलिस ASI मुजिबुर रहमान नागालैंड बॉर्डर पर स्थित उयपुर—मिकिरपट्टी इलाके के रहने वाले हैं। इस समय रहमान पंजाब में पोस्टेड हैं। 

 

रहमान को जब यह बात पता चली तो वो अपने खिलाफ हुए इस निर्णय को चुनौती देने के लिए पिछले महीने ही असम आए। इसके बाद असम पुलिस बॉर्डर की एक विंग ने एनआरसी के इस निर्णय के खिलाफ रिपोर्ट भी दी है। रहमान ने कहा है कि मैं एक भारतीय नागरिक हूं। मैंने सुना था कि ट्रिब्यूनल ने मुझे और मेरी ​पत्नि को विदेशी घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि एनआरसी ट्रिब्यूनल ने किसी तरह का नोटिस उनके परिवार को नहीं दिया और ना ही गांव में से किसी ने उनको सूचित किया।

 

इसी के तहत अब यह सामने आया है कि जोरहाट फोरेन ट्रिब्यूनल के इस निर्णय के खिलाफ एडवोकेट सुदीप्ता नयन गोस्वमी केस लड़ेंगे। आपको बता दें कि ट्रिब्यूनल ने रहमान समेत कुल 28 लोगों को दिसंबर 2018 में विदेशी घोषित कर दिया था।

 

गौरतलब है कि इससे पहले भी 28 मई को रिटायर्ड आर्मी सूबेदार और कारगिल वॉर हीरो मोहम्मद सलाइउद्दीन को भी विदेशी घोषित करके डिटेंशन कैंप भेज दिया था।