पूर्वोत्तर की संस्कृति को जानना हुआ और भी आसान, अब सब कुछ मिलेगा Online

Daily news network Posted: 2018-04-04 12:22:04 IST Updated: 2018-04-04 13:36:14 IST
पूर्वोत्तर की संस्कृति को जानना हुआ और भी आसान, अब सब कुछ मिलेगा Online

सिक्किम राज्य की संस्कृति और वहां के साहित्य से जुड़ी कुछ किताबें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय की लाइब्रेरी की रौनक बढ़ा रही हैं। कहा जा रहा है कि ये किताबें सिर्फ इसी लाइबे्ररी में मौजूद हैं। इन किताबों को हाल ही में मानव संग्रहालय के 42वें स्थापना दिवस समारोह के तहत संग्रहित की गई थी। मुख्य लाइब्रेरियन मो. रेहान ने बताया कि यह किताबें संग्रहालय के एंथ्रोपोलॉजिस्ट ने कलेक्ट की हैं, जो समय-समय पर रिसर्च करते हैँ।

 

 


 

मो. रेहान ने बताया कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय को नॉर्थ-ईस्ट के 7 राज्यों की संस्कृति, साहित्य, परंपराओं से जुड़ी 3500 पुस्तकों को डिजिटलाइज करने का प्रोजेक्ट दिया गया है। इसमें मणिपुर, सिक्किम, मिजोरम, त्रिपुरा, असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड जैसे राज्य शामिल हैं। इन किताबों को डिजिटलाइज कर संग्रहित किए जाने का कार्य जल्द शुरू होगा, ताकि आने वाली पीढ़ी इसे जान सके।



 

बता दें कि लैंग्वेज ऑफ अरुणाचल प्रदेश, अदी लैंग्वेज, अप्पातानी लैंग्वेज, होजोंग लैंग्वेज, मिजू लैंग्वेज, लैंग्वेज ऑफ सिक्किम, गुरूंग लैंग्वेज, लेप्चा लैंग्वेज, लिंबु लैंग्वेज, नेपाली लैंग्वेज और तमंग लैंग्वेज जैसी तमाम पुस्तकों को डिजिटलाइज कर संग्रहित किया जाएगा।


 

 

गौरतलब है कि 21 मार्च को मानव संग्रहालय का 42वां स्थापना दिवस मनाया गया था। इस मौके पर मानव संग्रहालय के वीथि संकुल में 2005 में स्थापित 1001 दीयों वाला अल विलक्कु प्रज्जवलित किया गया। इस दौरान इसके आसपास खूबसूरत रंगोली बनाई जाती गई। बता दें कि यह तीन दिवसीय उत्सव सिक्किम की परंपरागत संस्कृति पर आधारित था। उत्सव के पहले दिन पर्यटक सिक्किम के पारंपरिक व्यंजन, कला और लोकनृत्यों से परिचित हुए। समारोह का आगाज परंपरागत ढंग से वीथि संकुल में 1001 दीयों वाले अल विलक्कु को प्रज्जवलित कर हुआ। इस अवसर पर यहां सिक्किम के मुख्यमंत्री के कानूनी सलाहकार केटी ग्यालत्सेन प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इसके बाद सिक्किम से आए 56 कलाकारों ने परंपरागत फोक डांस की प्रस्तुति दी थी।