असम की भाजपा सरकार के सामने खड़ी हुई नई मुसीबत

Daily news network Posted: 2018-04-12 13:09:31 IST Updated: 2018-04-12 13:09:31 IST
असम की भाजपा सरकार के सामने खड़ी हुई नई मुसीबत
  • असम में भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के सामने नई मुसीबत खड़ी हो गई है। राज्य में अलग बोडोलैंड राज्य की मांग फिर से तेज हो गई है।

असम में भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के सामने नई मुसीबत खड़ी हो गई है। राज्य में अलग बोडोलैंड राज्य की मांग फिर से तेज हो गई है। अलग बोडोलैंड की मांग कर रहे विभिन्न संगठनों ने मोदी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर केन्द्र सरकार 26 अप्रेल तक राजनीतिक स्तर की वार्ता करने में विफल रहती है तो वे उस तारीख को धोखा दिवस के रूप में मनाएंगे। 

 

 

 

 

संगठनों का कहना है कि वे विरोध में पांच दिन तक राष्ट्रीय राजमार्ग की नाकेबंदी करेंगे। इसके बाद 36 घंटे का चक्का बंद करेंगे। द पीपुल्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी फॉर बोडोलैंड मूवमेंट(पीजेएसीबीएम) ने कहा है कि वे चाहते हैं कि केन्द्र सरकार 26 अप्रेल तक वार्ता करें क्योंकि केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने यह वादा किया था। संगठन ने कहा कि अगर केन्द्र सरकार अपने वादे को पूरा करने में विफल रहती है तो वे उस तारीख को धोखा दिवस बनाने के लिए मजबूर होंगे। 

 

 

 

 

 

कमेटी ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि पिछले साल 26 अप्रेल को राजनाथ सिंह ने त्रिपक्षीय वार्ता की अध्यक्षता की थी, इसमें असम के मुख्यमंत्री सर्वानद सोनोवाल, गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे। इस दौरान गृह मंत्री ने जहां तक संभव हो लगातार संवाद का आश्वासन दिया था। गृह मंत्री ने कहा था कि लगातार संवाद से कोई न कोई हल निकल आएगा। यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान दो तीन महीने बाद वार्ता हुई थी, इसलिए हमें उम्मीद है कि समाधान खोजने के लिए वार्ता आगे भी जारी रहेगी लेकिन हम बहुत निराश हैं क्योंकि एक साल बीत गया लेकिन कोई वार्ता नहीं हुई। 

 

 

 

 

 

यह केन्द्र का एक और छल व कपट है। इस मसले पर ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन(एबीएसयू) के अध्यक्ष प्रमोद बोडो ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान वादा किया था कि भाजपा बोडो लोगों की सभी समस्याओं का हल निकालेगी लेकिन अब प्रधानमंत्री के वादे को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि केन्द्र वार्ता में देरी कर रहा है।