माणिक राज की उल्टी गिनती शुरू, BJP बनाएगी सरकार

Daily news network Posted: 2018-01-08 16:23:10 IST Updated: 2018-01-08 16:28:11 IST
  • भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को त्रिपुरा में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पहली बार दो रैलियां कीं।

अगरतला।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को त्रिपुरा में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पहली बार दो रैलियां कीं। उन्होंने यह दावा किया है कि आगामी त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार बनेगी। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि अब माणिक सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। 25 साल में सीपीआईएम ने त्रिपुरा को सिर्फ गरीबी और बेरोजगारी दी। शाह दो दिन नॉर्थ-ईस्ट दौरे पर हैं। इस दौरान राज्य में सीनियर नेताओं के साथ चुनावी रणनीति पर चर्चा की। इसके अलावा शाह के दौरे से पहले त्रिपुरा के कुछ शहरों में बीजेपी-सीपीआईएम वर्कर्स के बीच झड़प भी हुईं।


 


 अमित शाह ने कहा कि त्रिपुरा में 25 साल से कम्युनिस्ट पार्टी का कुशासन है। शाह ने कहा कि लंबे समय से राज्य में सत्तारूढ़ माकपा सरकार ने राज्य को गरीबी और बेरोजगारी दी है तथा महिलाओं की सुरक्षा और राज्य की सुरक्षा दांव पर लगा रखी है। इसके अलावा सरकार ने माफिया राज को बढ़ावा दिया है जिसके कारण गरीब लोगों की मेहनत की कमाई को चिट फंड कंपनियों द्वारा लूटा जा रहा है।  उन्होंने कहा है कि माणिक सरकार ने इतने सालों में यही काम किया है अब मार्च में भाजपा की सरकार बनेगी आैर राज्य की जनता की उम्मीदों को पूरा करेगी ।

 

 



शाह ने वहां की जनता से वादा किया है कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद उनकी पार्टी दो दिन के भीतर सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करेगी। चिट फंड घोटाले से जुड़े एक भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा जायेगा। मजदूरों को हर दिन  350 रुपए की न्यूनतम मजदूरी मिलेगा और त्रिपुरा को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तेजी से दौड़ती हुई विकास ट्रेन के साथ जोड़ा जाएगा।

 

 


इसके साथ ही आपको बता दें कि सत्तारूढ़ सीपीआईएम ने अमित शाह के दौरे का विरोध किया। बीजेपी वाइस प्रेसिडेंट सुबल भौमिक का आरोप है कि बीजेपी कार्यकर्ता रैली से पहले उदयपुर इलाके में झंडे-बैनर लगा रहे थे। इसी दौरान सीपीआईएम ने लोगों ने इसका विरोध किया और 3 कार्यकर्ताओं को पीट-पीटकर जख्मी कर दिया।


 


त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने पिछले दिनों कहा था कि बीजेपी IPFT (आदिवासियों के लिए अलग राज्य की मांग करने वाला संगठन) के साथ गठबंधन की कोशिश में है। इसके जरिए राज्य में चुपके से शांति भंग करने की कोशिश की जा सकती है। हम सांप्रदायिकता फैलाने वाली इस साजिश को रोकेंगे, क्योंकि शांति से ही विकास के रास्ते खुलते हैं। सीपीआईएम त्रिपुरा में दोबारा सरकार बनाने के लिए अपने उसूलों पर कायम रहेगी।