मोदी की पूर्वोत्तर राज्यों को महज 100 दिनों में 3000 करोड़ की सौगात

Daily news network Posted: 2019-08-05 10:49:20 IST Updated: 2019-08-05 10:50:39 IST
मोदी की पूर्वोत्तर राज्यों को महज 100 दिनों में 3000 करोड़ की सौगात
  • 2014 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से ही मोदी ने पूर्वोत्तर के विकास के लिए कई कदम उठाए हैं। समय-समय पर कई परियोजनाएं लागू की हैं।

नई दिल्ली

2014 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से ही मोदी ने पूर्वोत्तर के विकास के लिए कई कदम उठाए हैं। समय-समय पर कई परियोजनाएं लागू की हैं। यहीं नहीं मोदी पूर्वोत्तर राज्यों का सबसे ज्यादा दौरा करने वाले प्रधानमंत्री भी हैं। केंद्र ने नई मोदी सरकार के शुरुआती 100 दिनों में पूर्वोत्तर के 3000 करोड़ रुपए की 200 परियोजनाएं आरंभ करने का फैसला किया है। केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री जितेंद्र सिंघ ने कहा कि शेष भारत को पूर्वोत्तर के निकट लाने की लक्षित सोच को ध्यान में रखकर डीओएनईआर (DONER) के लिए एक कार्य योजना बनाई गई है।

 


30 करोड़ रुपए प्रति दिन

सिंह ने कहा कि 100 दिवसीय कार्य योजना के तहत मंत्रालय को करीब 3000 करोड़ रुपए की लागत से 200 परियोजनाओं को मंजूरी देनी या उन्हें शुरु करना या पूरा करना या उनका क्रियान्वयन करना है। इसका अर्थ यह हुआ की 30 करोड़ रुपए प्रति दिन की लागत से औसतन 2 परियाजनाएं शुरू करनी है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने देश के अब तक नजरअंदाज रहे इलाकों को हमेशा शीर्ष प्राथमिकता दी है और पूर्वोत्तर क्षेत्र इनमें शामिल हैं। सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के तौर पर अपने पहले कार्यकाल में मोदी ने पूर्वोत्तर की 30 से अधिक यात्राएं की और उनके व्यक्तिगत रूप से वहां जाने से विकास गतिविधियों में तेजी आई।

 


पूर्वोत्तर मोदी की प्राथमिकता

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में प्राथमिकता केवल पूर्वोत्तर को शेष भारत के निकट लाने की ही नहीं थी, बल्कि उनकी वास्तविक प्राथमिकता शेष भारत को पूर्वोत्तर के निकट लाने की थी। उन्होंने कहा कि एक लक्षित एवं व्यवस्थित दृष्टिकोण के साथ मोदी की यही प्राथमिकता दूसरे कार्यकाल में भी है।

 

 उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार अपने कार्यकाल के प्रथम 50 दिनों में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए 1,232 करोड़ रुपए की लागत वाली 49 विकास परियाजनाओं को पहले ही मंजूर दे चुकी है। इन परियोजनाओं में पूर्वोत्तर विशेष अवसंरचना विकास योजना के तहत 586.3 करोड़ रुपए की लागत से 8 नई परियोजनाएं शामिल हैं।