त्रिपुरा में बीजेपी समर्थित संगठन पर लगा जबरन इस्तीफा दिलवाने का आरोप, जांच शुरू

Daily news network Posted: 2018-04-19 19:38:08 IST Updated: 2018-04-19 19:38:08 IST
त्रिपुरा में बीजेपी समर्थित संगठन पर लगा जबरन इस्तीफा दिलवाने का आरोप, जांच शुरू
  • त्रिपुरा प्रशासन ने बीजेपी समर्थित एक संगठन पर लगाए गए हिमांशु रॉय के आरोपों की जांच शुरू कर दी। अपने आरोपों में रॉय ने बिलोनिया में बीजेपी समर्थित एक संगठन पर जिलाधिपति पद से इस्तीफा देने के लिए दबाव बनाने की बात कही थी।

अगरतला।

त्रिपुरा प्रशासन ने बीजेपी समर्थित एक संगठन पर लगाए गए हिमांशु रॉय के आरोपों की जांच शुरू कर दी। अपने आरोपों में रॉय ने बिलोनिया में बीजेपी समर्थित एक संगठन पर जिलाधिपति पद से इस्तीफा देने के लिए दबाव बनाने की बात कही थी।

 


 रिपोर्ट्स के मुताबिक, रॉय किसी काम से मंगलवार को जिला मजिस्ट्रेट के दफ्तर पहुंचे थे। वहां से लौटते समय कुछ लड़कों का एक समूह कथित तौर पर उनके चैंबर में घुस आया और उन पर इस्तीफे के पत्र पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाने लगा। उनके मुताबिक, बाद में यह पत्र जिला मजिस्ट्रेट को सौंपा गया।


 रॉय ने कहा, 'मैं उन युवकों में से किसी को नहीं जानता हूं। हालांकि वो स्थानीय थे और मुझे धमकी दे रहे थे। साथ ही इस्तीफा देने को भी कह रहे थे।' इसके बाद उन्होंने इस घटना की जानकारी ई-मेल के जरिये पुलिस अधीक्षक और जिला मजिस्ट्रेट को दी। इस मामले में उन्होंने मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को भी जानकारी दी है।


 

 दक्षिण त्रिपुरा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमिताभ पाल ने बताया कि इस मामले में संदेह के आधार पर तीन युवकों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। वहीं डीएम सीके जमातिया ने सभाधिपति हिमांशु रॉय का ई-मेल मिलने की पुष्टि की और बताया कि जानकारी मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची थी, लेकिन वहां से आरोपी भाग चुके थे। उन्होंने यह भी बताया कि रॉय का त्यागपत्र ले लिया गया है, जिसकी जांच की जा रही है और पुलिस से दोषियों की गिरफ्तारी के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर कोई भी अवैध गतिविधि नजरअंदाज नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


 इस मामले में सियासत भी शुरू हो गई है। सीपीएम ने घटना की निंदा करते हुए कहा है कि जबसे भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई है इस तरह की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। सीपीएम का कहना है कि राज्य में सियासी वातावरण आतंकित हो गया है। वहीं बीजेपी ने घटना में अपने किसी कार्यकर्ता के शामिल होने की बात का खंडन किया है। बीजेपी का कहना है कि बिलोनिया बेहद छोटी जगह है, ऐसे में रॉय उन पर दबाव बनाने वालों को नहीं पहचानते इस बात पर यकीन करना मुश्किल है।