भाजपा सरकार के मंत्री ने प्रधानमंत्री से की NRC की फाइनल लिस्ट को रद्द करने की मांग

Daily news network Posted: 2019-11-21 09:02:55 IST Updated: 2019-11-21 09:02:55 IST
भाजपा सरकार के मंत्री ने प्रधानमंत्री से की NRC की फाइनल लिस्ट को रद्द करने की मांग
  • असम सरकार में मंत्री हिमंत विश्व सरमा ने नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) को रद्द करने की केंद्र की मोदी सरकार से मांग की है। उन्होंने इसकी जानकारी बुधवार को दी है।

असम सरकार में मंत्री हिमंत विश्व सरमा ने नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) को रद्द करने की केंद्र की मोदी सरकार से मांग की है। उन्होंने इसकी जानकारी बुधवार को दी है। गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सरमा ने कहा कि पार्टी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से वर्तमान स्वरूप में एनआरसी को खारिज करने का आग्रह किया है। असम सरकार ने NRC को स्वीकार नहीं किया है। असम सरकार और बीजेपी ने गृह मंत्री से NRC को अस्वीकार करने का अनुरोध किया है।


 उन्होंने कहा कि असम सरकार ने पूरे देश के लिए एक राष्ट्रीय एनआरसी का समर्थ किया है। अगर कट ऑफ साल 1971 है तो यह सभी राज्यों के लिए एक समान होना चाहिए। हम असम समझौते को रद्द करने के लिए नहीं कह रहे हैं।


 एनआरसी के पूर्व राज्य समन्वयक प्रतीक हजेला की कड़ी आलोचना करते हुए मंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार को अलग रखकर अपडेशन की प्रक्रिया पूरी की गई। उन्होंने कहा कि पूरे देश को लगता है कि एनआरसी को असम सरकार ने अपडेट किया है। हम सिर्फ एक व्यक्ति की वजह से खामियाजा भुगत रहे हैं। हम सिस्टम की खामियों से चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि हजेला ने अलग इको सिस्टम की तहत शो चलाया। उसने सवालों की एक परत बना दी है। एक जनप्रतिनिधि के रूप में हमें अब जवाब देने में मुश्किल हो रही है।


 बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब भाजपा नेता हिमंता ने इस मुद्दे को उठाया हो। इससे पहले भी वे कई बार एनआरसी की फाइनल लिस्ट पर प्रश्न चिह्न लगा चुके हैं। हेमंत का कहना है कि 1971 से पहले बांग्लादेश से बतौर शरणार्थियों आए तमाम भारतीयों के नाम एनआरसी में शामिल नहीं किए गए हैं क्योंकि अफसरों ने शरणार्थी प्रमाण पत्र लेने से इनकार कर दिया था। कई लोगों ने आरोप लगाया है कि डेटा में हेरफेर करके अपात्र लोगों को लिस्ट में शामिल किया गया है।


 गौर हो कि 3,30,27,661 लोगों ने NRC में शामिल किए जाने के लिए आवेदन किया है। कुल आवेदकों में से 3,11,21,004 लोगों को एनआरसी की अंतिम सूची में शामिल करने के योग्य पाया गया है, जबकि 19,06,657 लोग इस सूची से बाहर हो गए हैं। हालांकि गृह मंत्रालय पहले ही कह चुका है कि जो लोग राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की अंतिम सूची से बाहर हो गए हैं, उन्हें हिरासत में नहीं लिया जाएगा। मंत्रालय का कहना है कि ये लोग 120 दिनों के अंदर अपील कर सकते हैं।