त्रिपुरा में भाजपा ने उतारे सबसे ज्यादा दागी और पैसे वाले, दावा सुशासन का

Daily news network Posted: 2018-02-12 18:32:48 IST Updated: 2018-02-12 18:35:22 IST
त्रिपुरा में भाजपा ने उतारे सबसे ज्यादा दागी और पैसे वाले, दावा सुशासन का
  • त्रिपुरा के विधानसभा चुनाव में इस बार सीपीएम के नेतृत्व वाले लेफ्ट फ्रंट का मुकाबला भाजपा से है।

अगरतला।

त्रिपुरा के विधानसभा चुनाव में इस बार सीपीएम के नेतृत्व वाले लेफ्ट फ्रंट का मुकाबला भाजपा से है। भाजपा सत्ता में आने पर सुशासन के दावे कर रही है लेकिन अगर उसकी ओर से चुनाव मैदान में उतारे गए उम्मीदवारों पर गौर करें तो यह दावा खोखला साबित होता है। भाजपा ने आईपीएफटी से चुनाव पूर्व गठबंधन किया है। भाजपा ने कुल 51 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं जबकि आईपीएफटी ने 9 पर। त्रिपुरा की 60 विधानसभा सीटों के लिए 18 फरवरी को मतदान होगा। 3 मार्च को नतीजे घोषित होंगे।

 


 अगर सभी दलों के उम्मीदवारों की सूचियों को देखें तो पता चलता है कि सबसे ज्यादा दागी और सबसे पैसे वाले उम्मीदवार भाजपा ने ही उतारे हैं। इस मामले में सीपीएम काफी पीछे है। इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट के मुताबिक सीपीएम की सूची में दागी और पैसे वाले म्मीदवारों की संख्या सबसे कम है। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 7.45 फीसदी उम्मीदवारों का आपराधिक इतिहास है जबकि 11 फीसदी करोड़पति हैं। कुल 297 उम्मीदवारों में से 22 के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज हैं जबकि 35 ने अपनी संपत्ति 1 करोड़ से ज्यादा घोषित की है। त्रिपुरा इलेक्शन वॉच ऑफ द एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म(एनडीआर)की ओर से शनिवार को जारी रिलीज में यह जानकारी दी गई है। 


 

 भाजपा में आपराधिक छवि वाले उम्मीदवार सबसे ज्यादा हैं। भाजपा के कुल 51 उम्मीदवारों में से 11 के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज हैं। कांग्रेस के 59 में से 4, सीपीएम के 57 में से 2, आईपीएफटी के 9 में से 2 और तृणमूल कांग्रेस के 24 में से एक उम्मीदवार के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज है। जिन उम्मीदवारों के खिलाफ सीरियल क्रिमिनल चार्जेज हैं, उसमें भी भाजपा सबसे आगे हैं। त्रिपुरा इलेक्शन वॉच के संयोजक बिश्वेंदु भट्टाचार्य के मुताबिक अगर पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र से तुलना की जाए तो त्रिपुरा में दागी उम्मीदवारों की संख्या सबसे ज्यादा है। कुल 35 ऐेसे उम्मीदवार हैं जिनके पास 1 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। इनमें से 18 भाजपा से हैं जबकि 9 कांग्रेस से, 4 सीपीएम से, 2 आईएनपीटी से और 1 आईपीएफटी और 1 तृणमूल कांग्रेस से है।

 


 सबसे अमीर उम्मीदवार भी भाजपा से ही हैं जिनका नाम है जिष्णु देववर्मा हैं। देववर्मा चारीलाम सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने कुल 11 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति घोषित है जबकि त्रिपुरा पीपुल्स पार्टी के खगेन्द्र रियांग और परकारॉय रियांग सबसे गरीब उम्मीदवार हैं। दोनों ने सिर्फ 100-100 रुपए की संपत्ति घोषित की है। दो निर्दलीय उम्मीदवारों सुदर्शन मजूमदार और कांचई मोह ने अपने हलफनामों में घोषित किया है कि उनके पास कोई संपत्ति नहीं है। करीब 78 फीसदी उम्मीदवारों ने उनकी इनकम टैक्स डिटेल्स घोषित नहीं की है लेकिन उनमें से तीन (भाजपा से और एक कांग्रेस से) सबसे ज्यादा संपत्ति वाली सूची में टॉप पर हैं।

 


 भाजपा के उम्मीदवार जितेन्द्र मजूमदार उन 110 उम्मीदवारों की लिस्ट में टॉप पर हैं, जिन पर 7 करोड़ रुपए के कर्ज की लायबिलिटीज है। जो 10 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं उनमें से 6 ने तो सिर्फ हायर सेकैण्ड्री तक पढ़ाई की है। एक उम्मीदवार ने घोषणा की है कि वह अभी तक निरक्षर है। 173 उम्मीदवारों ने कक्षा पांचवी से 12 तक की पढ़ाई की है जबकि 121 उम्मीदवारों ने उनकी ग्रैजुएशन या उससे ज्यादा तक की पढ़ाई की है। कुल 24 महिला उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।