लोकसभा चुनाव में इस बार 131 सुरक्षित सीटें, पिछली बार भाजपा ने जीती थीं 67 सीटें

Daily news network Posted: 2019-03-21 07:59:02 IST Updated: 2019-03-21 07:59:02 IST
लोकसभा चुनाव में इस बार 131 सुरक्षित सीटें, पिछली बार भाजपा ने जीती थीं 67 सीटें

लोकसभा चुनाव में इस बार 131 सुरक्षित सीटें पर जबरदस्त मुकाबला होने की उम्मीद है। इन सुरक्षित सीटों में से 84 अनुसूचित जाति (एससी) और 47 अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए हैं। साल 2014 में भारतीय जनता पार्टी ने इन सभी सुरक्षित सीटों में से 67 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इनमें से 40 उम्मीदवार एससी और 27 एसटी थे।


 


भाजपा के साथ ही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) 12, कांग्रेस 12, एआईएडीएमके 7, बीजेडी 7 और तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) भी 4 सुरक्षित सीटों पर चुनाव जीतने में सफल रही। इनमें से एआई़़डीएमके की सभी सात सीटे एससी कैटेगरी की थीं जबकि टीएमसी, कांग्रेस, बीजेडी और टीआरएस की जीती गई कुल सुरक्षित सीटों में से एसटी सीटें क्रमशः 2,5, 4 और 2 थीं। एलजेपी और टीडीपी ने 3-3 सुरक्षित सीटों पर जीत हासिल की। अन्य ने 13 सीटों पर जीत हासिल की।

 


संख्या के लिहाज से उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 17 सुरक्षित सीटें हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में सुरक्षित सीटों की संख्या क्रमशः 12 और 10 है। यूपी में सुरक्षित सीटों की संख्या राज्य की कुल सीटों के 21 फीसदी है जबकि पश्चिम बंगाल और मध्यप्रदेश में यह प्रतिशत क्रमशः 28.6 और 34.5 फीसदी है। ओडिशा में 8 सुरक्षित सीटें हैं जो राज्य की कुल सीटों का 38.1 फीसदी हैं। झारखंड में 6 सीटें सुरक्षित कोटे से हैं। यह कुल सीटों का 42.9 फीसदी है। छत्तीसगढ़ में भी 5 सुरक्षित सीटें हैं जो प्रदेश की कुल सीटों का 45.5 फीसदी हैं।




मेघालय, दादरा एवं नगर हवेली, लक्षद्वीप और मिजोरम की सभी 100 फीसदी सीटें सुरक्षित हैं। मेघालय में कुल दो लोकसभा सीट हैं जबकि दादरा एवं नगर हवेली, लक्षद्वीप और मिजोरम में एक-एक लोकसभा सीट है। वहीं बिहार की 40 में से 6 सीटें ही सुरक्षित हैं। बड़े राज्यों में कुल सीटों के प्रतिशत के हिसाब से यह सबसे कम 15 फीसदी है। इसके बाद महाराष्ट्र का स्थान है जहां कुल सीटों का महज 18.8 फीसदी (9 सीट) सीटें ही सुरक्षित हैं।