त्रिपुरा चुनावः क्या कांग्रेस का बागी नेता दिला पाएगा भाजपा को जीत?

Daily news network Posted: 2018-02-12 13:59:42 IST Updated: 2018-02-12 19:15:07 IST
त्रिपुरा चुनावः क्या कांग्रेस का बागी नेता दिला पाएगा भाजपा को जीत?
  • त्रिपुरा में जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, चुनावी सरगर्मियां भी तेज हो रही है। राज्य में सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। त्रिपुरा में 18 फरवरी को वोट डाले जाएंगे और 3 मार्च को नतीजों का ऐलान होगा।

त्रिपुरा में जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, चुनावी सरगर्मियां भी तेज हो रही है। राज्य में सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। त्रिपुरा में 18 फरवरी को वोट डाले जाएंगे और 3 मार्च को नतीजों का ऐलान होगा।


 त्रिपुरा के धरमनगर सीट से कांग्रेस के बागी नेता व एमएलए विश्वबंधु सेन एक बार फिर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। लेकिन वे इस बार कांग्रेस के टिकट पर नहीं भाजपा के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं। सेन को कांग्रेस विरोधी गतिविधियों के कारण साल 2016 में कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया। इसके बाद सेन ने ऑन इंडिया तृणमुल कांग्रेस का दामन थाम लिया। लेकिन यहां भी इनका कुछ जम नहीं पाया। जिसके बाद इन्होंने 2017 के नवंबर में भाजपा का कमल थाम लिया।

 

 सेन के साथ भाजपा में सुदीप रॉय बर्मन, आशीष कुमार साहा, दिबा चंद्र ह्रगंखावल, प्राणजीत सिंह रॉय और दिलीप सरकार शामिल हुए थे। ये सभी विधायक कांग्रेस छोड़कर टीएमसी में शामिल हुए थे। तब इन विधायकों का आरोप था कि कांग्रेस पार्टी ने लेफ्ट पार्टी के साथ चुनावी गठबंधन कर लिया है, लिहाजा वे इससे सहमत नहीं हैं। कांग्रेस और लेफ्ट के बीच पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 2016 में समझौते हुए थे।

 


 इस बार सेन भाजपा के टिकट पर धरमनगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। बता दें कि इस सीट पर इनकी पकड़ काफी मजबूत है, क्योंकि ये लगातार इस सीट से दो बार जीतते आ रहे हैं। सेन ने साल 2008 और 2013 के  विधानसभा चुनाव में इस सीट पर जीत दर्ज की थी। इस सीट पर उन्होंने सीपीएम के अमिताभ दत्ता को साल 2008 में 2410 वोटों से हराया था। सेन को 15987 और दत्ता को 13577 वोट मिले थे।

 वहीं बात करें 2013 विधान सभा चुनाव की तो सेन ने दत्ता को 1844 वोटों से हराया था। इस चुनाव में सेन को 17991 और दत्ता को 16147 वोट मिले थे। इस सीट पर सीपीएम के अमिताभ दत्ता को भी कम नहीं आंका जा सकता है, क्योंकि दत्ता ने इस सीट पर 1998 और 2003 में कांग्रेस के सीमा पाल चौधरी को हराया था।

 


 इस सीट पर सीपीएम को 1972 से 2013 तक के नौ विधानसभा चुनाव में पांच बार जीत हासिल हुई है। सीपीएम ने 1977, 1983, 1993, 1998 और 2003 में जीत मिली थी।

वहीं इस विधानसभा चुनाव की बात करें तो इस सीट पर बीजेपी ने विश्व बंधु सेन को, सीपीएम ने इस बार अमिताभ दत्ता की जगह अभिजीत डे को, कांग्रेस ने केबल कांति नंदी को, टीएमसी ने बिपुल कृष्णा दास को, सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया(कम्युनिस्ट) ने संजोय चौधरी को और अमरा बंगाली(एबी) ने विश्वास रंजन दास को चुनाव मैदान में उतारा है। इस सीट पर इस बार कांटे की टक्कर होने वाली है।