सावधान: सोने और चांदी के गहने खरीदने से पहले जरूर देखें ये निशान

Daily news network Posted: 2018-04-14 12:18:48 IST Updated: 2018-04-14 12:18:48 IST
सावधान: सोने और चांदी के गहने खरीदने से पहले जरूर देखें ये निशान
  • भारतीय मानक ब्यूरो के प्रमुख अमित राय ने ग्राहकों को सलाह देते हुए कहा कि बीआईएस हॉलमार्क वाले ही सोने-चांदी के आभूषण और अन्य सामग्री खरीदनी चाहिए।

गुवाहाटी।

भारतीय मानक ब्यूरो के प्रमुख अमित राय ने ग्राहकों को सलाह देते हुए कहा कि बीआईएस हॉलमार्क वाले ही सोने-चांदी के आभूषण और अन्य सामग्री खरीदनी चाहिए। इससे ग्राहकों को शुद्ध सोनो और चांदी के आभूषण आदि की गारंटी रहती है। राय शुक्रवार को गुवाहाटी प्रेस क्लब में संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे। 




राय ने कहा कि हमारे देश में अक्षय तृतीय, धनतेरस और दीपावली जैसे त्यौहारों पर सोने-चांदी के गहने खरीदने की पुरानी परंपरा है। ग्राहकों को शुद्ध सोने और चांदी के आभूषण आदि मिले इसके लिए केंद्र सरकार साल 2000 से ही बीआईएस हॉलमार्किंग योजना चला रही है। उन्होंने कहा कि वैसे तो यह योजना स्वैच्छिक है, लेकिन देश के ग्राहकों में लोकप्रिय होती जा रही है। आजकल लोग गहने खरीदते वक्त हॉलमार्क वाले गहनों की मांग करते हैं और यह अच्छी बात है। उन्होंने ग्राहकों को बीआईए मार्क के साथ ही कैरेट और सुंदरता में शुद्धता, एसेयिंग-हॉलमार्किंग केंद्र का पहचान चिन्ह और जौहरी का पहचान चिन्ह अथवा संख्या अंकित आभूषण ही खरीदने चाहिए। 





क्या है हॉलमार्क का निशान

सोने की शुद्धता का पहला पैमाना हॉलमार्क का निशान है। सोना खरीदते वक्त हॉलमार्क के निशान वाली ही ज्वैलरी खरीदें। हॉलमार्क सरकारी गारंटी है। हॉलमार्क का निर्धारण भारत की एकमात्र एजेंसी ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआईएस) करती है। हॉलमार्किंग योजना भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम के तहत गोल्ड संचालन, नियम और विनियम का काम करती है। हालमार्क वाली ज्वैलरी पर हॉलमार्क का निशान और कुछ अंक जैसे 999, 916, 875 लिखे होते हैं। इन्ही अंको में आपके सोने की शुद्धता का राज चुपा होता है। ध्यान रहे हालमार्क के निशान के साथ 999 नंबर वाले सोने की ज्वैलरी 24 कैरेट की होती है। 999 का मतलब इसमें सोने की शुद्धता 99.9 फीसदी है। इसी तरह शुद्धता के आधार पर 23 कैरेट सोने पर 958, 22 कैरेट सोने पर 916, 21 कैरेट पर 875, 18 कैरेट पर 750 अंक पड़े होते हैं।

 

 


किस आधार पर तय किए जाते हैं ये नंबर

इन तीन अंकों के आधार पर सोने की शुद्धता पता करने के लिए आपको इस तरह की कोई सीरीज याद रखने की जरुरत नहीं है। इसको निकालने का सूत्र बड़ा ही साधारण है। मान लीजिए आपको 22 कैरेट सोने पर पड़ा नंबर ज्ञात करना है तो आप 22 को 24 से भाग देकर उसको 100 से गुणा कर दें। इससे आपको 22 कैरेट सोने पर पड़ने वाला अंक ज्ञात हो जाएगा। 22/24×100 = 916 । इसी नियम का प्रयोग करके आप सोने की शुद्धता के आधार पर पड़ा नंबर जान सकते हैं।



 

ऐसे पहचानें असली हॉलमार्क

हॉलमार्किंग में किसी उत्पाद को तय मापदंडों पर प्रमाणित किया जाता है। भारत में बीआईएस वह संस्था है, जो उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराए जा रहे गुणवत्ता स्तर की जांच करती है। यदि सोना-चांदी हॉलमार्क है तो इसका मतलब है कि उसकी शुद्धता प्रमाणित है, लेकिन कई ज्वैलर्स बिना जांच प्रकिया पूरी किए ही हॉलमार्क लगा रहे हैं। ऐसे में यह देखना जरूरी है कि हॉलमार्क ओरिजनल है या नहीं? असली हॉलमार्क पर भारतीय मानक ब्यूरो का तिकोना निशान होता है। उस पर हॉलमार्किंग सेंटर के लोगो के साथ सोने की शुद्धता भी लिखी होती है। उसी में ज्वैलरी निर्माण का वर्ष और उत्पादक का लोगो भी होता है।




 

24 कैरेट गोल्ड की नहीं बनती ज्वैलरी

सबसे पहली बात यह कि असली सोना 24 कैरेट का ही होता है, लेकिन इसके अभूषण नहीं बनते, क्‍योंकि वो बेहद मुलायम होता है। आम तौर पर आभूषणों के लिए 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें 91.66 फीसद शुद्ध सोना होता है। कई बार ग्राहक जानकारी के अभाव में गलती से 22 कैरेट वाली सोने की ज्वैलरी के बदले 24 कैरेट का दाम दे आते हैं।