ट्रोल करने वालों को बिप्लब का जवाब, मेरे बयान पर हंसने वालों की सोच छोटी

Daily news network Posted: 2018-04-19 14:58:06 IST Updated: 2018-04-19 16:45:59 IST
ट्रोल करने वालों को बिप्लब का जवाब, मेरे बयान पर हंसने वालों की सोच छोटी
  • त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब अपने चौंकाने वाले बयान को लेकर सुर्खियों में हैं।

अगलतला।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब अपने चौंकाने वाले बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। दरअसल एक कार्यक्रम के दौरान देब ने कहा था कि भारत युगों से इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहा है। महाभारत में संजय ने नेत्रहीन होते हुए भी धृतराष्ट्र को युद्ध के मैदान का हाल सुनाया था। जो इंटरनेट और टेक्नोलॉजी की वजह से ही हुआ। इस बयान के बाद देब सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हो रहे हैं। वहीं विपक्ष भी उन पर हमला करने से नहीं चूक रहे हैं।



 

इस सब के बीच देब अभी भी अपने बयान पर कायम हैं। उन्होंने इस पर विश्वास न करने वाले लोगों को संकीर्ण मानसिकता (छोटी सोच) का भी ठहरा दिया है। जब पत्रकारों ने उनसे इस बारे में बात की तो बिप्लब देब ने कहा कि संकीर्ण मानसिकता के लोगों का इसपर भरोसा करना मुश्किल है। ऐसे लोग अपने देश को कमतर आंकते हैं और दूसरे देशों को तरजीह देते हैं। उन्होंने कहा कि इस मसले पर न तो भ्रमित हों और न ही दूसरों को भ्रमित करें। बिप्लब देब की जनता से अपील है कि कि सत्य में विश्वास रखें, न खुद कोई गलतफहमी पालें और न पालने दें। त्रिपुरा के सीएम को उनके राज्यपाल का भी समर्थन मिला है। त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय का कहना है कि सीएम बिप्लब देब का बयान सही है। दिव्यदृष्टि और पुष्पक विमान जैसी डिवाइस बिना तकनीक के संभव नहीं थी।



 

गौरतलब है कि एक दिन पहले ही राजधानी अगरतला में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के कंप्यूटराइजेशन पर आयोजित एक कार्यक्रम में बिप्लब देब ने कहा था कि देश में महाभारत युग में भी तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध थीं, जिनमें इंटरनेट और सैटेलाइट भी शामिल थे। उन्होंने कहा था कि महाभारत के दौरान संजय ने बैठकर धृतराष्ट्र को बताया था कि युद्ध में क्या हो रहा है। संजय आंख से कैसे देख सकते हैं। इसका मतलब है कि उस समय भी तकनीक, इंटरनेट और सैटेलाइट था।



 

देब के मुताबिक लाखों साल पहले भारत में इंटरनेट और उपग्रह प्रणाली अस्तित्व में थी। हमारे देश की सबसे धनी संस्कृति के लिए है मुझे गर्व है। आज भी इंटरनेट और सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी मेंए हम आगे हैं। माइक्रोसॉफ्ट देखेंए यह एक अमेरिकी कंपनी हो सकती है लेकिन इसके अधिकांश इंजीनियर हमारे देश से हैं।



 

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने कहा था कि महाभारत के युग के समय भारत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सबसे ऊपर था, लेकिन बीच में किसी तरह, यह खो गया। मुख्यमंत्री ने कहा, लेकिन आज फिर से भारत दुनिया में प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपनी स्थिति हासिल कर चुका है और यह तथ्य से साबित हो सकता है क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर अमेरिकी कंपनियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। देब ने आगे कहा था कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर के नागरिकों के लिए इसे सुलभ बनाने के लिए डिजिटलीकरण जैसा बड़ा कदम उठाया है। प्रधान मंत्री स्वयं सोशल नेटवर्किंग साइटों पर सक्रिय हैं और सांसदों और यहां तक कि मुख्यमंत्रियों को भी सोशल मीडिया पर मौजूद रहने को कहा है।