त्रिपुरा कांग्रेस को बिप्लब सरकार का तोहफा, अंतिम राजा के नाम पर रखा हवाई अड्डे का नाम

Daily news network Posted: 2018-03-11 15:02:03 IST Updated: 2018-03-11 16:47:18 IST
त्रिपुरा कांग्रेस को बिप्लब सरकार का तोहफा, अंतिम राजा के नाम पर रखा हवाई अड्डे का नाम
  • त्रिपुरा की नवनिर्वाचित भाजपा सरकार ने कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष प्रद्युत किशोर माणिक्य को बड़ा तोहफा दिया है। बीजेपी सरकार ने किशोर के मन में लंबे समय से पल रहे सपने को पूरा कर दिया।

अगरतला।

त्रिपुरा की नवनिर्वाचित भाजपा सरकार ने कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष प्रद्युत किशोर माणिक्य को बड़ा तोहफा दिया है। बीजेपी सरकार ने किशोर के मन में लंबे समय से पल रहे सपने को पूरा कर दिया।


 भाजपा-आईपीएफटी सरकार ने शनिवार को अपनी पहली कैबिनेट की बैठक के बाद घोषणा की कि अगरतला हवाई अड्डे का नाम त्रिपुरा के अंतिम राजा 'महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर' के नाम पर रखा जाएगा।

 800 साल पुराने माणिक्य राजवंश के इकलौते वारिस और त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष प्रद्योत किशोर माणिक्य ने मुख्यमंत्री बिप्लब देब को इसके लिए धन्यवाद दिया।

 


 बता दें कि त्रिपुरा के अंतिम महाराजा बीर बिक्रम किशोर थे, जिन्होंने त्रिपुरा में पहला एयरपोर्ट बनवाया। वह 1949 से पहले तक त्रिपुरा के राजा थे। उन्हें त्रिपुरा में आधुनिक वास्तुकला का पिता माना जाता है।

 


 मौजूदा राज्य की संपूर्ण योजना उनके शासन में शुरू की गई थी। उन्होंने भूमि सुधार भी किए। माणिक्य ने कहा-दादा के नाम पर एयरपोर्ट का नामकरण बीजेपी और कांग्रेस दोनों के मेनिफेस्टो में था, मुख्यमंत्री बिप्लब देव ने वादा पूरा कर दिखाया। माणिक्य को अब त्रिपुरा में कांग्रेस पार्टी को पुनर्जीवित करने में आसानी होगी।

 त्रिपुरा कांग्रेस के अध्यक्ष ने कहा कि आज हम उस स्थान पर खुद को पा रहे हैं, जहां बीजेपी 2013 में थी, जब उनके पास सिर्फ 1.3 प्रतिशत वोट शेयर थे।


 दूसरे राज्यों के उलट त्रिपुरा में युवा कांग्रेस अध्यक्ष भाजपा की तुलना में वामपंथियों से अधिक असंतुष्ट हैं। माणिक्य का मानना ​​है कि त्रिपुरा में सीपीएम की हार कुशासन का परिणाम है। वह कहते हैं, 'कम्युनिस्टों ने न केवल लोगों की परेशानियों की उपेक्षा की, बल्कि शाही परिवार की मूल प्रतिष्ठा और सम्मान की भी अनदेखी की। उन्होंने महाराजा व समाज के प्रति उनके योगदान को लेकर लोगों में गलत धारणा फैलाने की कोशिश की।'