भाजपा सरकार ने मदरसों पर कसा शिकंजा, उठाया बड़ा कदम

Daily news network Posted: 2018-04-03 16:27:20 IST Updated: 2018-06-23 14:59:29 IST
भाजपा सरकार ने मदरसों पर कसा शिकंजा, उठाया बड़ा कदम
  • असम सरकार ने राज्य में मदरसों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इन पर शिकंजा कसना शुरु कर दिया है।

गुवाहाटी।

असम सरकार ने राज्य में मदरसों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इन पर शिकंजा कसना शुरु कर दिया है। असम सरकार ने मदरसों को मौजूदा वैधानिक नियमों व मानकों के तहत लाने के लिए सोमवार को विधानसभा में बिल पेश किया, ताकि इस तरह के संस्थानों की ग्रोथ को रोका जाए।

 

 


शिक्षा मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की ओर से संसदीय कार्य मंत्री चंद्र मोहन पाटोवारी ने असम मदरसा एजुकेशन (प्रोविंशियलाइजेशन ऑफ सर्विसेज ऑफ एम्पलॉयी एंड री-ऑर्गेनाइजेशन ऑफ मदरसा एजुकेशन इंस्टीट्यूशन) बिल 2018 पेश किया। अपने बयान में सरमा ने प्रयोजन और वजह बताते हुए कहा कि बिल इसलिए लाया गया है ताकि मदरसा स्कूलें मौजूदा वैधानिक नियमों और मानकों का पालन करें। साथ ही इसका प्रयोजन राज्य में इस तरह के वेंचर मदरसा एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस की ग्रोथ को रोकना है।



सोमवार को पेश एक अगल बिल में सरकार ने राज्य के निजी स्कूलों के टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ के न्यूनतम वेतन को फिक्स करने का प्रस्ताव रखा है। असम नॉन गर्वमेंट एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन (रेगुलेशन एंड मैनेजमेंट) संशोधन बिल 2018 में प्रस्ताव है कि गैर सरकारी शैक्षणिक संस्थानों के टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ को उचित प्राधिकरण की ओर से तय किए गए नियमों से कम परिलब्धियां दी जाएगी। इसके अलावा टीचर्स एजुकेशन के लिए नेशनल काउंसिल की ओर से तय नियमों के मुताबिक निजी स्कूलों के शिक्षकों को क्वालिफाइड होना होगा।