‘शुभो नोबो बोरसो’ के साथ त्रिपुरा में बीजू त्योहार की धूम

Daily news network Posted: 2018-04-13 16:11:42 IST Updated: 2018-04-13 17:32:10 IST
‘शुभो नोबो बोरसो’ के साथ त्रिपुरा में बीजू त्योहार की धूम
  • आज पूर्वोत्तर के लोगों के लिए उत्सव का दिन है जी हां त्रिपुरा के लोग आज बीजू त्योहार की धूम धाम में खोए हैं, यह त्योहार बंगाली परंपरा के मुताबिक नव वर्ष के रूप में मनाया जाता है।

अगरतला

आज पूर्वोत्तर के लोगों के लिए उत्सव का दिन है। त्रिपुरा के लोग आज बीजू त्योहार की धूमधाम में खोए हैं। यह त्यौहार बंगाली परंपरा के मुताबिक नव वर्ष के रूप में मनाया जाता है। हर साल बंगाली नववर्ष अप्रैल महीने के मध्य में मनाया जाता है। इस दौरान बंगाली लोग एक-दूसरे को ‘शुभो नोबो बोरसो’ कहकर नए साल की बधाई देते हैं। ‘शुभो नोबो बोरसो’ का मतलब होता है नव वर्ष मुबारक हो।




आमतौर पर यह अप्रैल महीने की 14 तारीख को मनाया जाता है। बंगाल में इसे पोहला बोईशाख कहा जाता है। यह बैशाख महीने का पहला दिन होता है। पोएला का अर्थ है पहला और बोइशाख बंगाली कैलेंडर का पहला महीना है।

 

 


बंगाली कैलेंडर हिन्दू वैदिक सौर मास पर आधारित है। पोइला बैसाख को पूरे बंगाल के अलावा आस-पास के पहाड़ी राज्यों व पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी बड़े उत्साह और उल्लास से मनाया जाता है। इस त्योहार का त्रिपुरा समेत बंगाल के लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है। पश्चिम बंगाल ,त्रिपुरा और असम में इस दिन सरकारी छुट्टी होती है।

 

 

 


लोग अपने घरों में तरह तरह के पकवान बनाकर एक दूसरे को नववर्ष की बधाई देते हैं, खुशियां मानते हैं और  नई फसल देने के लिए भगवान को शुक्रिया अदा करते हैं। इसके साथ ही महिलाएं नदी किनारे जमा होकर पानी में फूल, प्रसाद और पूजा की सामग्री का विसर्जन करती हैं और अच्छे जीवन के लिए प्रकृति का धन्यवाद करती हैं।