पटना से असम जाएगी भवानी बाघिन

Daily news network Posted: 2018-03-10 22:45:54 IST Updated: 2018-03-10 22:45:54 IST
पटना से असम जाएगी भवानी बाघिन
  • पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) में बाघों की संख्या में लगातार वृद्धि को देखते हुए यह रह रही भवानी बाघिन को असम भेजा जाएगा।

पटना।

पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) में बाघों की संख्या में लगातार वृद्धि को देखते हुए यह रह रही भवानी बाघिन को असम भेजा जाएगा।

 


 बता दें कि बाघों के वंश-वृद्धि में तेजी लाने के लिए उद्यान प्रशासन ने असम के चिड़ियाघर के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया है। देवी नामक बाघिन अब युवा हो गई है। उसे नर बाघ की जरूरत है। असम जू से देवी के लिए सफेद बाघ आएगा और पटना जू की सफेद बाघिन भवानी असम आएगी।

 


 राजा को अपनी जोड़ी से मिलने के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। राजा, देवी और भवानी भाई-बहन हैं। इनब्रीडिंग के संभावित खतरों को ध्यान में रखकर इनका मेल नहीं किया जा सकता है।


 राजा, देवी और भवानी संजय गांधी जैविक उद्यान में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। मार्च 2014 में तीनों का जन्म हुआ था। संजय गांधी जैविक उद्यान में छह बाघ हैं। स्वर्णा और भीमा की जोड़ी जम गई है। उद्यान में 1983 से 1993 के बीच बाघ शावक नियमित अंतराल पर पैदा हुआ करते थे।

 


 1993 के बाद संजय गांधी जैविक उद्यान में 31 जुलाई 2012 से बाघ शावकों के जन्म का सिलसिला शुरू हुआ है। पहली बार स्वर्णा (बाघिन) ने तीन शावकों का जन्म दिया था। तीनों ने 15 दिनों तक अपनी मां के साथ खूब उछल-कूद की। मां के अस्वस्थ होने के बाद तीनो शावकों को अलग कर दिया गया। हालांकि इसके कुछ समय बाद तीनों शावकों की एक-एक कर मौत हो गई।

 


 चार शावक जिंदा बचे हैं। स्वर्णा के कुल मिलाकर छह बच्चों की मौत हो चुकी है। स्वर्णा का एक शावक एक साल का होने वाला है। अभी यह अपनी मां के साथ रहता है। पटना वासियों के लिए स्थानीय चिड़ियाघर में जन्मे बाघ आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। बाघिन 105 दिनों तक गर्भ धारण के बाद बच्चे का जन्म देती है।


 एक तरफ संजय गांधी जैविक उद्यान में बाघों की संख्या में वृद्धि हो रही है, दूसरी तरफ बिहार के वाल्मिकीनगर व्याघ्र परियोजना में भी बाघों की संख्या बढ़ रही है। पर्यावरण एवं वन विभाग के अधिकारी जंगल और चिड़ियाघर दोनों स्थानों पर बाघों की संख्या में वृद्धि से काफी प्रसन्न हैं।