सरकार के एक फैसले से उड़ी व्यापारियों की नींद, भारी नुकसान की आशंका

Daily news network Posted: 2018-04-06 10:44:34 IST Updated: 2018-06-04 15:49:19 IST
सरकार के एक फैसले से उड़ी व्यापारियों की नींद, भारी नुकसान की आशंका
  • सिक्किम सरकार के एक फैसले ने सिलीगुड़ी के कारोबारियों की नींद उड़ा दी है।

सिलीगुड़ी।

 सिक्किम सरकार के एक फैसले ने सिलीगुड़ी के कारोबारियों की नींद उड़ा दी है। दरअसल सिक्किम सरकार ने राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने के मकसद से सिलीगुड़ी से साग-सब्जियों के लाने पर पाबंदी लगा दी है। ऐसे में यहां के व्यापारी सकते हैं। उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। सिलीगुड़ी रेगुलेटेड मार्केट फ्रूट्स एंड मर्चेन्ट्स एसोसिएशन ने इस मामले में राज्य सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं इस पाबंदी का असर पूरे उत्तर बंगाल के किसानों पर पड़ेगा।

 

 

 

संगठन के सचिव तपन कुमार साहा ने कहा है कि राज्य सरकार को सिक्किम सरकार से बातचीत कर शीघ्र ही इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए। सिलीगुड़ी रेगुलेटेड मार्केट में साग-सब्जियों की जितनी आवक होती है, उसकी कुछ खपत सिलीगुड़ी शहर में होती है। अधिकांश साग-सब्जियों को दार्जिलिंग पहाड़ और सिक्किम भेज दिया जाता है। इन क्षेत्रों में 60 से 70 प्रतिशत साग-सब्जियां भेजी जाती हैं। खासकर सिक्किम में 50 प्रतिशत से अधिक साग-सब्जियां भेजी जाती हैं।

 

 

साहा ने बताया कि उत्तर बंगाल की विभिन्न मंडियों से सब्जियों को कारोबारी सिलीगुड़ी रेगुलेटेड मार्केट लाते हैं। उसके बाद यहां से पहाड़ तथा सिक्किम सब्जियों का निर्यात किया जाता है। उत्तर बंगाल की विभिन्न मंडियों में स्थानीय किसान साग-सब्जी बेचते हैं। इनसे उनको भी अच्छी आय होती है, लेकिन अब सिक्किम सब्जियां नहीं जा रही हैं, जिससे सब्जियों की कीमत में तो गिरावट आयी ही है, साथ ही इसकी मांग में भी भारी कमी आ गयी है। रेगुलेटेड मार्केट में सब्जी बेचने आये मयनागुड़ी के एक किसान कार्तिक का कहना है कि उन्हें मंडी में कोई खरीदार नहीं मिला। किसान कार्तिक ने कहा कि उसे सिक्किम सरकार के नए निर्देश की जानकारी नहीं थी, अगर ऐसा कुछ हुआ है, तो इससे सिलीगुड़ी के किसान काफी परेशान होंगे।