इस राज्य में 1 लाख 17 हजार विदेशी,ज्यादातर मुस्लिम बहुल जिलों में बसे

Daily news network Posted: 2019-07-20 18:06:26 IST Updated: 2019-07-20 18:06:26 IST
इस राज्य में 1 लाख 17 हजार विदेशी,ज्यादातर मुस्लिम बहुल जिलों में बसे
  • असम में 1985 से लेकर अब तक 1 लाख 17 हजार 164 लोगों को गैर भारतीय(विदेशी)घोषित किया गया है। असम में काम कर रहे फॉरेनर्स ट्राइब्यूनल्स ने इन्हें विदेशी घोषित...

गुवाहाटी।

असम में 1985 से लेकर अब तक 1 लाख 17 हजार 164 लोगों को गैर भारतीय(विदेशी)घोषित किया गया है। असम में काम कर रहे फॉरेनर्स ट्राइब्यूनल्स ने इन्हें विदेशी घोषित किया है। इन आधिकारिक आंकड़ों का खुलासा गृह राज्य मंत्री जी.किशन रेड्डी ने 16 जुलाई को संसद में किया। उन्होंने यह जानकारी असम से कांग्रेस सांसद अब्दुल खालेक के अतारांकित प्रश्न के लिखित जवाब में दी। 



असम में फिलहाल 33 जिले हैं। फिलहाल 28 जिलों में 100 फॉरेनर्स ट्राइब्यूनल्स काम कर रहे हैं। मंत्री ने अपने लिखित जवाब में यह आंकड़े भी दिए हैं कि पिछले 34 साल में किस जिले मे कितने लोगों को विदेशी घोषित किया गया है। आंंकड़ों से प्रदर्शित होता है कि नगांव जिले में गैर नागरिकों की संख्या सबसे ज्यादा है। इनकी पहचान ट्राइब्यूनल्स ने की है। राज्य की ब्रह्मपुत्र घाटी के इस मुस्लिम बहुल जिले में 20 हजार 261 विदेशी घोषित किए गए हैं। 



इस मामले में मोरीगांव दूसरे नंबर पर आता है। यह भी मुस्लिम बहुल जिला है। 2011 की जनगणना में मोरीगांव मुस्लिम बहुल जिला बना था। जिले में फिलहाल पांच फॉरेनर्स ट्राइब्यूनल्स हैं। 1985 और मार्च 2019 के बीच ट्राइब्यूनल्स ने इस जिले में 15 हजार 633 लोगों को विदेशी घोषित किया था, यह जिला नगांव के करीब स्थित है। 



10 जिलों में दर्शाए गए राज्य के 9 मुस्लिम बहुल जिलों में से 6 में ट्राइब्यूनल्स ने सबसे ज्यादा विदेशी नागरिक घोषित किए गए हैं। ये जिले हैं बारपेटा(4, 649 विदेशी घोषित), धुबरी(4,215 लोग), दरांग(4, 436), गोआलपाड़ा(4, 203)। तीन अन्य मुस्लिम बहुल जिलों में से एक हेलकांडि में 1985 से लेकर अब तक सिर्फ 62 विदेशी घोषित किए गए हैं। 

 

बोंगईगांव 2011 में मुस्लिम बहुल जिला बना। इसमें 1,621 विदेशी घोषित किए गए। बराक वैली के करीमगंज में 2, 920 विदेशी घोषित किए गए हैं। जबकि जोरहाट, डिब्रूगढ़, होजई और कछार जैसे हिंदू बहुल जिले भी टॉप टेन की सूची में शामिल हैं। जोरहाट तीसरे स्थान पर हैं, यहां 1985 से लेकर अब तक 9,430 विदेशी घोषित किए गए हैं। इसके बाद नंबर आता है कछार का, जहां 8, 151, डिब्रूगढ़ में 7, 213, होजई में 5,498 लोग शामिल हैं।