असम राइफल्स के पूर्व जवानों ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा, जानिए क्यों

Daily news network Posted: 2019-06-17 11:33:42 IST Updated: 2019-06-17 11:33:42 IST
असम राइफल्स के पूर्व जवानों ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा, जानिए क्यों

असम राइफल्स के पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उनके आश्रितों ने अपनी समस्याओं के निदान की मांग को लेकर सैनिक विश्राम गृह के बाहर नारेबाजी की। इस दौरान हुई बैठक में असम राइफल्स के जवानों को सेना की तरह सुविधाएं देने की मांग की गई। बैठक में खासतौर से असम राइफल्स को गृह मंत्रालय के बजाय रक्षा मंत्रालय के अधीन किए जाने की मांग की गई। 

 


बैठक में कहा गया कि लंबी लड़ाई के बाद असम राइफल्स के जवानों की सीएसडी कैंटीन की सुविधा के साथ ही मेडिकल सुविधा संबंधी मांग तो पूरी हो चुकी है, लेकिन अन्य मांगों पर कार्रवाई होना बाकी है। पूर्व सैनिकों ने इसके लिए संघर्ष करने पर बल दिया। इस दौरान उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की। बैठक में राष्ट्रीय सचिव नारायण सिंह बिष्ट, जिलाध्यक्ष सतीश पांडे, अशोक नेगी, हरीश सिंह नेगी, मोहन सिंह नेगी, मोहन राम, बिशन सिंह, नंदन सिंह, हरीश मेहता, कलावती, रेवती, प्रताप सिंह आदि कई पूर्व सैनिक मौजूद थे। 


 

संगठन के अखिल भारतीय सेक्रेटरी नारायण सिंह बिष्ट ने संगठन की तमाम गतिविधियों पर प्रकाश डाला एवं कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब उन्हें मेडिकल की सुविधा दे दी गई है। अन्य मांगों के लिए सतत संघर्ष जारी है। उन्होंने असम राइफल्स के सभी से पूर्व सैनिककल्याण समिति से जुड़ने का भी आह्वान किया। इस दौरान असम राइफल के पूर्व सैनिकों को सदस्यता दिलाई गई एवं निर्णय लिया गया कि शीघ्र ब्लॉक कमेटी का गठन कर लिया जाएगा। बैठक में ईसीएचएस-मेडिकल सुविधा के फार्म भी भरवाए गए। बाद में उन्होंने सैनिक विश्राम गृह के बाहर मांगों को लेकर नारेबाजी भी की।