असम: जनता महंगाई से परेशान, मंत्री और विधायकों ने बढ़ा ली अपनी सैलेरी

Daily news network Posted: 2018-04-06 13:39:09 IST Updated: 2018-04-07 16:54:36 IST
असम: जनता महंगाई से परेशान, मंत्री और विधायकों ने बढ़ा ली अपनी सैलेरी
  • एक ओर जहां जनता महंगाई से त्रस्त है, वहीं विधानसभा में जनप्रतिनिधियों ने अपने वेतन में वृद्धि करवा ली।

गुवाहाटी।

एक ओर जहां जनता महंगाई से त्रस्त है, वहीं विधानसभा में जनप्रतिनिधियों ने अपने वेतन में वृद्धि करवा ली। विधानसभा में संसदीय कार्यमंत्री चंद्रमोहन पटवारी ने असम विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष मुख्यमंत्री सहित विधानसभा के सभी सदस्यों के वेतन तथा पूर्व विधायकों की पेंशन की राशि में वृद्धि से संबंधित तीन विधेयक पेश किए। इन विधेयकों में एक अप्रैल 2018 से जनप्रतिनिधियों के नए वेतनमान सहित अन्य भत्तों में वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है। 



मुख्यमंत्री के वेतन में 57 हजार रुपए की वृद्धि

मुख्यमंत्री को अब से प्रति माह वेतन के एवज में एक लाख तीस हजार तथा अन्य भत्तों सहित कुल एक लाख चौसठ हजार रुपए मिलेंगे। पहले वेतन और भत्तों सहित कुल नब्बे हजार रुपए मिलते थे। मुख्यमंत्री के मामले में कुल वृद्धि 57 हजार रुपए की गई है। कैबिनेट मंत्रियों को अस्सी हजार की जगह अब से एक लाख दस हजार रुपए हर महीने मिलेंगे। वहीं अन्य भत्तों सहित यह राशि एक लाख चालीस हजार रुपए हो जाती है। इनके वेतन में 45 हजार रुपए की वृद्धि हुई है। नेता विपक्ष को प्रस्तावित नए वेतन मान के अनुसार हर महीने एक लाख दस हजार तथा भत्तों सहित कुल एक लाख चालीस हजार रुपए मिलेंगे। उनके वेतन में 45 हजार रुपए की वृद्धि की गई है। 




राज्य मंत्रियों का वेतन भी 39 हजार रुपए बढ़ा

राज्य मंत्रियों को मासिक वेतन व अन्य भत्तों सहित अब से कुल एक लाख 29 हजार रुपए मिलेंगे। पहले यह राशि 89 हजार थी। राज्य मंत्रियों के वेतन में कुल 39 हजार रुपए की वृद्धि की गई है। वहीं उप मंत्रियों के मासिक वेतन व अन्य भत्तों में वृद्धि के बाद एक लाख 21 रुपए प्रति माह मिलेंगे। इनके वेतन व अन्य भत्तों में कुल 38 हजार की बढ़ोत्तरी हुई है। इस अनुसार विधायकों का मासिक वेतन मौजूद 60 हजार रुपए से बढ़ाकर 80 हजार कर दिया गया है। भत्तों में वृद्धि के बाद एक विधायक को प्रति माह कुल एक लाख दस हजार रुपए मिलेंगे। 





वहीं पूर्व विधायकों की पेंशन की राशि 30 हजार के बदले 40 हजार रुपए करने का प्रस्ताव रखा गया है। चिकित्सा भत्ते में पांच रुपए को बढ़ाते हुए इस 20 हजार रुपए का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा पांच साल से अधिक समय तक रह चुके पूर्व विधायको को प्रति वर्ष एक हजार रुपए अतिरिक्त पेंशन राशि देने का प्रावधान रखा गया है।