2019 तक असम के हर घर में होगी बिजली- ऊर्जा मंत्री

Daily news network Posted: 2018-04-03 18:25:53 IST Updated: 2018-04-03 18:25:53 IST
2019 तक असम के हर घर में होगी बिजली- ऊर्जा मंत्री
  • राज्य सरकार ने 2018-19 वित्तीय वर्ष के भीतर असम के सभी जिलों के गांवों के हर घर में सौ फीसदी बिजली सेवा उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा है।

गुवाहाटी

राज्य सरकार ने 2018-19 वित्तीय वर्ष के भीतर असम के सभी जिलों के गांवों के हर घर में सौ फीसदी बिजली सेवा उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा है। पहाड़ी और चर इलाकों में सोलर और पावर ग्रिड व्यवस्था के जरिए हर घर में बिजली पहुंचाई जाएगी।

 

 


वहीं राज्य के तीन बड़े उधोगों का कुल 81.92 करोड़ का बिजली बिल अभी तक एपीडीसीएल को चुकाया नहीं गया है (27.30 करोड़), पंचग्राम स्थित कछार पेपर मिल (33.77 करोड़) और असम चाय निगम(20.85 करोड़) शामिल हैं।

 

 


 सोमवार को सदन के ऊर्जा विभाग के मंत्री पल्लव दास ने अगप विधायक फणिभूषण चौधरी सहित अन्य कई विधायकों के सवालों के जवाब में इस आशय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण बिजलीकरण योजना की 12वीं योजना के तहत आवंटित गांवों में बिजलीकरण का काम चल रहा है तथा 2017-18 वित्तीय वर्ष में आवंटित कुछ जिलों के गांवों में बिजली के खम्भे गाड़ने का काम शुरू हो गया है।

 

 


 

 ऊर्जा मंत्री ने बताया कि बारिश के कारण इन योजनाओं की प्रगति थोड़ी धीमी हुई है। मंत्री ने सम्बंधित स्थानीय विधायकों को अपने अपने इलाकों को एपीएल तथा बीपीएल सभी परिवारों के घरों में बिजली सेवा उपलब्ध करवाने को कहा है। उन्होंने बताया कि मनसून में अधिकतम 1820 मेगावाट तथा न्यूनतम 1200 मेगावाट बिजली की जरूरत पड़ती है। जबकि ठण्ड में अधिकतम 1450 मेगावाट तथा न्यूनतम 700 मेगावाट बिजली की जरूरत रहती है. दास किया कि राज्य में बिजली आपूर्ति की कोई कमी नहीं है।

 

 


 मंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक बिजली सेवा से वंचित 24,10,388 परिवार मौजूद हैं, इन परिवारों को प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना ( (सौभाग्य) के तहत साल 2019 के भीतर बिजली उपलब्ध करने की व्यवस्था सरकार ने की है। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2017-18 के फरवरी महीने तक असम के कुल 4073 राजस्व गांवों का बिजलीकरण किया गया है।