नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर असम बंद, मोदी सरकार को दी धमकी

Daily news network Posted: 2019-01-11 11:32:25 IST Updated: 2019-01-12 08:29:57 IST
नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर असम बंद, मोदी सरकार को दी धमकी
  • विवादित नागरिकता (संशोधन) विधेयक को लेकर असम बंद रहेगा। गुरुवार को भी विधेयक को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए।

गुवाहाटी।

विवादित नागरिकता (संशोधन) विधेयक को लेकर असम बंद रहेगा। गुरुवार को भी विधेयक को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए। छात्रों, वकीलों और डॉक्टरों ने समूचे राज्य में विधेयक के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। बता दें कि दो दिन पहले ही बिल लोकसभा में पारित हुआ था। विधेयक के कानून बनने के बाद धार्मिक अत्याचार के कारण बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से भागकर 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आने वाले गैर मुस्लिमों को भारतीय नागरिकता मिल जाएगी।

 


 गुवाहाटी में सचिवालय के सामने हाथ में गमछा (असम में सम्मान के तौर पर गले में डाला जाने वाला गमोसा) लेकर संकल्प दिवस मनाया और कहा कि यह विधेयक असमी लोगों के अस्तित्व के लिए खतरा है। उन्होंने चेताया कि अगर उनके हितों को नुकसान पहुंचाया गया तो प्रधानमंत्री व उनके कैबिनेट सहयोगियों को राज्य में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। अपने 70 साझेदार संगठनों के साथ आंदोलन की अगुवाई कर रहे कृषक मुक्ति संग्राम समिति(केएमएसएस) ने बुधवार को संकल्प लिया था कि तब तक नागरिकता (संशोधन) विधेयक को वापस नहीं लिया जाता है तब तक प्रधानमंत्री और केन्द्रीय मंत्रियों को पूर्वोत्तर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

 


 गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों ने काम करने के दौरान काली पट्टी बांधी, जबकि असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के लॉ डिपार्टमेंट ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आंदोलनकारियों ने जय आई असम(असम माता की जय) के नारे लगाते हुए शपथ ली कि वे मूल निवासियों के हितों की रक्षा करेंगे। गुवाहाटी में शिक्षण संस्थाओं में छात्रों ने अपनी कक्षाओं का बहिष्कार किया और राज्य की राजधानी दिसपुर तक विरोध मार्च निकालने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षा बलों ने उनकी कोशिश को नाकाम कर दिया। केएमएसएस प्रमुख अखिल गोगोई ने सचिवालय के बाहर पत्रकारों से कहा कि विधेयक दमनकारी और सांप्रदायिक है।

 


 गोगोई ने कहा, अगर इस विधेयक को स्वीकार किया जाता है तो भारत का धर्मनिरपेक्ष ताना बाना तबाह हो जाएगा। असमी लोगों ने हमेशा अवैध प्रवासियों का विरोध किया है। अगर नागरिकता संशोधन विधेयक पारित होता है तो कम से कम 19 करोड़ बांग्लादेश लोग असम में आ जाएंगे। इससे असम के वास्तविक लोगों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। भाजपा ने दावा किया है कि पिछले 10 सालों में कोई भी बांग्लादेशी गैर कानूनी रूप से भारत में प्रवेश नहीं किया है। पार्टी ने 2014 के लोकसभा और 2016 के विधानभा चुनाव में असम में गैर कानूनी घुसपैठ का मुद्दा जोरशोर से उठाया था। भाजपा प्रवक्ता स्वप्निल बरुआ ने दावा किया कि बिल भारत में कोई नया विदेशी नहीं लाएगा।