अब NRC भी होगा Digital, ऐसे कर सकते हैं कोई भी बदलाव

Daily news network Posted: 2019-06-12 08:38:44 IST Updated: 2019-06-12 08:39:00 IST
अब NRC भी होगा Digital, ऐसे कर सकते हैं कोई भी बदलाव
  • असम NRC प्रधिकरण जल्द ही ऑफलाइन एप्लीकेंशस का डिजिटलीकरण कार्य शुरू कर रहा है।

गुवाहाटी

असम NRC प्रधिकरण जल्द ही ऑफलाइन एप्लीकेंशस का डिजिटलीकरण कार्य शुरू कर रहा है। NRC अथॉरिटीज की ओर से ड्राफ्ट रजिस्टर के अनुसार ऑफलाइन एप्लीकेशंस में कई चीजों जैसे नाम आदि में काट छांट के कार्य भी करेगी। इस बारे में NRC स्टेट कॉर्डिनेटर प्रतीक हाजेला ने सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों तथा सिटीजन रजिस्ट्रेशन के जिला रजिस्ट्रारों को लिख दिया है। उन्होंने कहा कि वो ऑफलाइन जमा कराए गए फार्मों में दिए गए विवरणों का करेक्शन भी ऑफलाइन पोर्टल कराने का काम करें। इसी के साथ हाजेला ने डिजिटलीकरण की वजह से स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिड्यूर को भी बंद करने के लिए कहा है।

 

 

 


यहां पर करवा सकते हैं बदलाव

 नागरिक को NRC ड्राफ्ट से जुड़ी अपनी जानकारियों के प्रार्थना पत्रों को ऑनलाइन अथवा NRC सेवा केंद्र पर जाकर दुरूस्त करवा सकते हैं। हालांकि नाम का ऑनलाइन करेक्शन अब पूरा हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने अपने नाम में बदलाव लेकर ऑनलाइन आवेदन कर दिया है वो अब ऑफलाइन तरीके से एप्लीकेशन के जरिए यह कार्य नहीं करवा सकेंगे। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि application receipt number (ARN) को ऑनलाइन करेक्शन के लिए दिए जाने के बाद ऑफलाइन नहीं दिया जा सकता। इसके अलावा उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों को करेक्शन फॉम्र्स को NSK के अनुसार लिस्ट बनाकर देने के लिए कहा है।

 

 

 


गौरतलब है कि असम NRC में बदलाव का यह कार्य सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन और सुपरविजन में किया जा रहा है। इससे वो इस बात का पता लगाना चाहता है कि राज्य में कितने लोग गैरकानूनी तरीके से रह रहे हैं। साथ ही अपेक्स कोर्ट ने फाइनल NRC जारी करने की तारीख 31 जुलाई निर्धारित कर दी है। NRC ड्राफ्ट में पिछले साल 30 जुलाई को प्रकाशित किए गए 32,991,384 लोगों में से 28,983,677 के नाम शामिल कर लिए गए हैं। बाकी रहे लोगों को फाइनल एनआरसी आने के बाद अपने अपने क्लेम करने का मौका दिया जाएगा। खबर है कि इस फाइनल ड्राफ्ट में लगभग 40 लाख लोगों की एप्लीकेशंस शामिल नहीं की गई है। वहीं, लगभग 36 लाख लोग इसमें अपनी नागरिकता का क्लेम करने में असफल रहे हैं।