खुफिया एजेंसियों ने जारी की ऐसी बड़ी जानकारी, मोदी सरकार ने ली राहत की सांस

Daily news network Posted: 2019-08-26 10:25:17 IST Updated: 2019-08-26 10:31:55 IST
खुफिया एजेंसियों ने जारी की ऐसी बड़ी जानकारी, मोदी सरकार ने ली राहत की सांस

गुवाहाटी

राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के अद्यतन की प्रक्रिया के दौरान असम में बांग्लादेश से होने वाली घुसपैठ में कमी आई है। राज्य में काम कर रही सुरक्षा एजेंसियों के विश्लेषण में यह बात सामने आई है। असम में 31 अगस्त को एनआरसी का अंतिम प्रकाशन होगा। कहीं कोई अप्रिय घटना न घटे इसके लिए सुरक्षा एजेंसियां सावधानी बरत रही है। 



 


एनआरसी के अद्यतन से अंतरराष्ट्रीय सीमा के उस पार यह संदेश गया कि असम अब जाने के लिए सुरक्षित आसान नहीं है। इसलिए हाल के दिनों में असम में अवैध घुसपैठ के मामलों में कमी आई है। सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था में सुधार और दोनों देशों के संबंध बेहतर होने के चलते अवैध घुसपैठ में कमी होने के आसार लगाए जा रहे हैं। भारत सरकार भी लगातार यह संदेश दे रही है कि वह घुसपैठ की समस्या को काफी गंभीरता से ले रही है। 



हाल ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की बांग्लादेश की गृहमंत्री के साथ हुई बैठक में शाह ने भारत में रह रहे अवैध बांग्लादेशियों के लिए प्रत्यार्पण का मुद्दा उठाया था। सूत्रों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय सीमा के नदी वाले इलाकों में सुरक्षा के लिए स्मार्ट कंटीली बाड़ लगाई जा रही है, जिससे भी सकारात्मक नतीजे आ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमा का नदी मार्ग जो कि धुबड़ी और करीमगंज जिले में हैं, घुसपैठ व तस्करी के लिए अति संवेदनशील है। यहां कंटीली बाड़ लगाना मुश्किल था। 




इसलिए सरकार ने आधुनिक प्रौद्योगिक का इस्तेमाल कर सीमाई इलाके को सुरक्षित करने का कदम उठाया, लेकिन इसे पूरा होने में थोड़ा समय लगेगा। खुफिया एजेंसियों का कहना है कि बांग्लादेशी पहले वहां की खराब अर्थव्यवस्था के चलते रोजगार की तलाश में घुसपैठ करते थे, लेकिन अब वहां अर्थव्यवस्था अच्छी है। इसलिए बांग्लादेशी अपने को खतरे में डालकर यहां नहीं आना चाहते। हां, पहले से घुसपैठ कर चुके अवैध विदेशियों के एनआरसी अद्यतन के चलते देश के अन्य राज्यों में जाने से इनकार नहीं किया जा सकता। पर अब नए सिरे से भारी घुसपैठ होने की बात से खुफिया एजेंसियां इनकार कर रही है।