असम नहीं है बांग्लादेशियों का डंपिग ग्राउंड, हिन्दू मुस्लिम किसी को नहीं किया जाएगा बर्दाश्त

Daily news network Posted: 2018-05-11 15:36:28 IST Updated: 2018-05-11 15:37:10 IST
असम नहीं है बांग्लादेशियों का डंपिग ग्राउंड, हिन्दू मुस्लिम किसी को नहीं किया जाएगा बर्दाश्त
  • नागरिकता संशोधन विधेयक पर गुरूवार को मेघालय में राय लेने पहुंची संयुक्त संसदीय समिति(जेपीसी) के समक्ष पूर्वोत्तर के प्रमुख संगठन नेसो सहित जनजातीय निकायों के कुल आठ समूहों ने ज्ञापन सौंपे हैं।

गुवाहाटी

नागरिकता संशोधन विधेयक पर गुरूवार को मेघालय में राय लेने पहुंची संयुक्त संसदीय समिति(जेपीसी) के समक्ष पूर्वोत्तर के प्रमुख संगठन नेसो सहित जनजातीय निकायों के कुल आठ समूहों ने ज्ञापन सौंपे हैं।

 

 


 विधेयक पर अपनी नाराजगी जताते हुए नेसो के चेयरमैन सैमुअल जिरवा ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र इस विधेयक को स्वीकार्य करने के लिए बाध्य नहीं है। संगठन इसे खारिज करता है।  नेसो के सलाहकार डाॅ समुज्जवल कुमार भट्टाचार्य ने कहा कि पूर्वोत्तर को बांग्लादेशियों का डपिंग ग्राउंड बनने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने असम समझौते की दलील देते हुए कहा कि साल 1971 के बाद भारत आए किसी भी अवैध प्रावासियों को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।

 

 


 मेघालय की एक प्रमुख मांग पर उन्होंने कहा कि यहां के लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य में इनर लाइन परमिट(आईएलपी) को लागू करना होगा। उल्लेखनीय है कि स्थानीय पाइनवुड होटल स्थित कन्वेंशन सेंटर में जेपीसी के अध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल ने बताया कि विभिन्न समूहों के साथ अच्छी चर्चा हुई और उनके सुझाव विचार और भावनाओं को समझने का प्रयास कर रही है।